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5 में से 3 फीडर जले, ढाई घंटे शहर के 75 प्रतिशत हिस्से में रही बिजली बंद

गर्मी के मौसम में आए दिन बिजली बंद होने से शहरवासी बेहद परेशान हैं। शहर के तीन बिजली फीडरों में रात को एक साथ खराबी आ गई। तीनों फीडर जल गए। काफी देर तक उनसे चिंगारियां निकलती रहीं। इससे शहर के 75 प्रतिशत हिस्से में दो से ढाई घंटे तक बिजली बंद रही। गर्मी से परेशान शहरवासी बिजली कंपनी के पावर हाऊस में जमा होकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन करने लगे।
बुधवार रात 11.20 बजे पावर हाऊस स्थित तीनों फीडर जल गए। शहर के बिजली वितरण केंद्र स्थित पीन इंसुलेटर बर्स्ट हो गया था जिसका प्रभाव मेन ट्रांसफार्मर पर पड़ा। ट्रांसफार्मर में तेज धमाके के साथ चिंगारी उठी फिर अंदर के उपकरण जलने लगे। इसका प्रभाव शहर के 5 में से 3 राजापारा, सिविल लाइन तथा कलेक्टोरेट फीडर पर पड़ा। इनके अंतर्गत आने वाले सभी क्षेत्र की बिजली बंद हो गई। राजापारा और कलेक्टोरेट फीडर में रात 12.30 बजे बिजली आ गई लेकिन सिविल लाइन फीडर में बिजली रात 1 बजे के बाद ही आ पाई।
मई माह में बिजली बंद होने की 571 शिकायतें
भास्कर ने पड़ताल की तो पता चला कि मार्च माह में 529 उपभोक्ताओं ने बिजली बंद की शिकायत थी। अप्रैल माह में 348 शिकायतें हुईं थीं जबकि मई माह में सर्वाधिक 571 लोगों ने बिजली बंद की शिकायत की। जून माह में 1 से लेकर 4 जून तक 64 शिकायतें दर्ज हो चुकीं हैं। औसतन रोजाना 20 शिकायतें रहती हैं।

पुलिस को मौके पर पहुंच स्थिति संभालनी पड़ी
बिजली बंद होने के बाद शहरवासियों द्वारा पावर हाऊस में प्रदर्शन किए जाने की सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। कंपनी के अफसरों ने भी मौके पर पहुंच प्रदर्शनकारियों को समझाइश दी। मुकेश खटवानी ने कहा कि आए दिन बिजली बंद हो रही है। बिना किसी सूचना और कारण बिजली बंद कर दी जाती है। लोगों को परेशानी होती है। कंपनी को सिस्टम में सुधार करना चाहिए। सिविल लाइन को छोड़कर अन्य सभी जगह पर हमेशा बिजली बंद की जाती है। जवाहर वार्ड के बीएस साहू, आमापारा के राजेंद्र राठौर ने कहा कि उनके वार्ड में रोजाना बिजली बंद हो रही है। तेज बारिश व आंधी तूफान में बिजली बंद होना समझ में आता है, लेकिन सामान्य मौसम में भी घंटों बिजली बंद करना समझ से परे है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बिजली बंद होते ही बिजली दफ्तर में टेलीफोन तथा मोबाइल नंबर पर लगातार कॉल करते रहने पर भी कॉल नहीं लगता। कभी कॉल लग भी जाए तो सही जवाब नहीं मिलता। शिकायत के घंटों बाद सुधार कार्य करने कर्मचारी पहुंचते हैं।

लोड बढ़ने से आती है तकनीकी खराबी
बिजली उपसंभाग के सहायक यंत्री एलएन कंवर ने कहा कि लाइन का पीन इंसुलेटर खराब हो गया था जिसका प्रभाव मेन ट्रांसफार्मर पर पड़ा। कर्मचारियों ने काम में जुटकर बिजली बहाल कर दी। लोड बढ़ने से कई बार खराबी आती है। मई माह में मेेंटेनेंस कार्य करना था लेकिन लॉकडाउन व अन्य कारणों से नहीं हुआ।



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3 out of 5 feeders burnt, power stopped in 75 percent of the city for two and a half hours


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