शहर के बीच से गुजरने वाले नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण के लिए प्रशासन तथा जनप्रतिनिधियों द्वारा जमीन के बदले जमीन देने के फॉर्मूले को लेकर सहमति बनाने के प्रयास सफल होते दिख रहे हैं। बुधवार को नेशनल हाईवे किनारे स्थित चार दुकानों के मालिक ने अपनी दुकानें तोडऩे सहमति प्रदान की जिसके बाद दुकानें तोड़ दी गईं। चौड़ीकरण में जितनी जमीन जा रही है उतनी ही मूल्य की जमीन दूसरी जगह देने कवायद शुरू हो गई है। इधर चौड़ीकरण से प्रभावित लोग प्रोफार्मा तथा चौड़ीकरण में प्रभावित हो रही उनकी जमीन की जानकारी लेने नगर पालिका पहुंचने लगे हैं।
प्रशासन के साथ बैठक में प्रभावितों को बताया गया था िक चौड़ीकरण कार्य में उनकी जितनी जमीन प्रभावित हो रही है उतने ही मूल्य की जमीन शहर के तीन स्थानों उप-जेल के पास, डेली मार्केट या पुराना बस स्टैंड में से किसी एक स्थान पर दी जाएगी। बैठक में उपस्थित सभी 40 प्रभावितों ने इसके लिए सहमति दी थी। बुधवार को नेशनल हाईवे पर होटल सुंदरम के बगल में स्थित पुरुषोत्तम शर्मा परिवार ने अपनी जमीन देने के लिए जमीन के बदले जमीन फार्मूले पर सहमति जताई। इसके बाद पिछले कुछ समय से खाली पड़ी उनकी 4 दुकानों को नगर पालिका तथा राजस्व की टीम ने तोड़ दिया।
नगर पालिका ने इस परिवार को प्रोफार्मा दिया है जिसमें उनके द्वारा उल्लेख किया जाएगा कि सड़क चौड़ीकरण में प्रभावित उनकी जमीन के बदले जमीन किस स्थान पर चाहिए। बताया गया है कि पुरुषोत्तम शर्मा परिवार की 500 वर्गफीट जमीन सड़क चौड़ीकरण में प्रभावित हो रही है।
प्रोफार्मा लेने पहुंच रहे प्रभावित लोग
चौड़ीकरण में प्रभावितों को जमीन के बदले जमीन देने फॉर्मूले को लेकर सहमति देने वालों के लिए नगर पालिका ने एक प्रोफार्मा तैयार किया है। इस प्रोफार्मा को लेकर बुधवार को प्रभावितों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है।
उप-जेल के पास जमीन समतल करने कहा गया
विधायक शिशुपाल शोरी तथा मुख्यमंत्री के संसदीय सलाहकार राजेश तिवारी ने कहा कि जहां चौड़ीकरण में प्रभावितों को जमीन देनी है उस जगह को समतल कराया जाएगा। उप-जेल के पास वाली खाली जगह के गड्ढे भरे जाएंगे।
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