कोरोना की वजह से किसानों को खेती में आर्थिक समस्या न आए इसलिए सरकार ने खाद-बीज और उपकरण खरीदने के लिए बिना ब्याज के कर्ज देने का फैसला किया है। इसके लिए 4600 करोड़ का प्रावधान किया है। न्याय योजना की पहली किस्त 1492 करोड़ जारी होने के बाद किसानों के रुझान को देखते हुए सीएम भूपेश बघेल ने आसानी से कर्ज देने के साथ-साथ खाद-बीज वितरण की बेहतर व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। इस साल नाबार्ड ने भी छत्तीसगढ़ के लिए 1150 करोड़ की अतिरिक्त कर्ज सीमा मंजूर की है। राज्य में अब तक खरीफ के लिए 7.65 लाख किसानों ने 2721 करोड़ का कर्ज लिया है। खरीफ फसलों के लिए सहकारिता के माध्यम से कुल 6.35 मीट्रिक टन रासायनिक खाद के भंडारण का लक्ष्य रखा गया है। 26 जून तक सहकारी समितियों में 5.77 लाख मी. टन खाद का भंडारण किया जा चुका है, जो कि कुल लक्ष्य का 90.81 प्रतिशत है। इसी तरह लक्ष्य का 71 फीसदी खाद का वितरण किया जा चुका है। खरीफ फसल के लिए बीज निगम ने 5.88 लाख क्विंटल उन्नत किस्मों के प्रमाणित बीज का स्टाॅक रखा है।
26 जून की स्थिति में कुल 4.52 लाख क्विंटल का उठाव किसानों ने कर लिया है। पिछले साल इसी अवधि में सहकारी समितियों में 4.98 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का भंडारण और 2.88 लाख क्विंटल का वितरण किसानों को किया गया था। इसी अवधि की तुलना में पिछले साल से 1.64 लाख क्विंटल का प्रमाणित बीज अधिक वितरित किया गया है।
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