शहर के बीच से गुजरने वाले नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण की कवायद तेज हो गई है। नेशनल हाईवे ने ऊपर नीचे मार्ग से काम भी शुरू कर दिया है। ऊपर नीचे मार्ग में ही राजपरिवार की जमीन चौड़ीकरण में प्रभावित हो रही थी। प्रशासनिक अफसरों तथा जनप्रतिनिधियों के साथ हुई चर्चा में जमीन के बदले जमीन फार्मूले को लेकर राजपरिवार का रूख सकारात्मक रहा। इसके बाद चौड़ीकरण में प्रभावितों की बैठक हुई जिसमें उपस्थित सभी 40 लोगों ने जमीन के बदले जमीन फार्मूले को लेकर सहमति जताई है। शेष प्रभावितों की बैठक भी शीघ्र होगी। प्रभावितों को उतनी ही मूल्य की जमीन उप-जेल, पुराना बस स्टैंड या डेली मार्केट में दी जाएगी।
नेशनल हाईवे डिवीजन ने सोमवार से सीमेंट सड़क निर्माण कार्य चालू तो कर दिया था लेकिन चौड़ीकरण को लेकर असमंजस बना हुआ था। मंगलवार को पूरी तैयारी के साथ अफसरों-जनप्रतिनिधियों का दल सड़क पर उतरा। सुबह 10 बजे ऊपर नीचे मार्ग में सभी एकत्रित हुए जहां सबसे ज्यादा राजपरिवार की जमीन प्रभावित हो रही है। चर्चा के दौरान जमीन के बदले जमीन वाले फार्मूले को लेकर राजपरिवार का रूख सकरात्मक रहा। इसके बाद दल पैदल सड़क पर निकला तथा रास्ते भर सड़क चौड़ीकरण में प्रभावित जमीन का अवलोकन किया। रास्ते में जनप्रतिनिधि तथा अधिकारियों ने प्रभावितों से चर्चा कर उन्हें सड़क चौड़ीकरण के लिए जमीन के बदले जमीन वाले फार्मूले की जानकारी भी दी। दल ने नेशनल हाईवे के अलावा पुराना बस स्टैंड, डेली मार्केट तथा उपजेल के पास खाली जमीन का भी निरीक्षण किया जहां चौड़ीकरण में प्रभावितों को जमीन दी जानी है।
आवेदन के लिए नगर पालिका में आज से मिलेगा प्रोफार्मा : बैठक में बताया गया कि बुधवार से चौड़ीकरण में प्रभावितों को नगर पालिका से प्रोफार्मा प्रदान करते बताया जाएगा कि उनकी कितनी जमीन कितने मूल्य की चौड़ीकरण में प्रभावित हो रही है। प्रोफार्मा भरकर आवेदन करना होगा। जमीन के बदले जमीन कहां चाहते है उसका भी उल्लेख करना होगा।
पुराना बस स्टैंड, डेली मार्केट और उपजेल के पास दी जाएगी जमीन
दोपहर 2 बजे नगर पालिका सभाकक्ष में सड़क चौड़ीकरण में प्रभावितों की बैठक रखी गई। बैठक में मुख्यमंत्री के संसदीय सलाहकार राजेश तिवारी, विधायक शिशुपाल शोरी ने कहा कि सड़क चौड़ीकरण में जिनकी जितने मूल्य की जमीन प्रभावित हो रही है उतने मूल्य की जमीन उनको डेली मार्केट, उपजेल के पास या पुराना बस स्टैंड में प्रदान की जाएगी। बैठक में उपस्थित 40 प्रभावितों ने सहमति जता दी है। बैठक में प्रमुख रूप से प्रभावितों में रऊफ शेखानी, हनीफ मेमन, अशोक राइी, ललित गांधी, दिलीप खटवानी, रवि लालवानी, पंकज लोहानी, अरविंद ठाकुर आदि उपस्थित थे।
पट्टा पहले दें, बारिश में व्यापारियों की परेशानी का भी ध्यान रखें
प्रभावित ललित गांधी ने कहा कि चौड़ीकरण आज शहर की जरूरत है। बैठक में उपस्थित सभी प्रभावितों ने जमीन के बदले जमीन फार्मूले को लेकर सहमति जताई है। बारिश के मौसम को ध्यान में रखते कार्य कराया जाए ताकि प्रभावितों को परेशानी नहीं हो। प्रभावित राजकुमार पंजाबी ने कहा कि जितने मूल्य की जमीन प्रभावित होगी उतने मूल्य की जमीन मिलती है तो कोई परहेज नहीं है। अशोक राठी ने कहा कि शहर के हित में बैठक में उपस्थित सभी ने जमीन के बदले जमीन मिलने पर सहमति जताई है। प्रशासन को चाहिए कि जहां व्यवस्थापन किया जा रहा है उस जमीन का पहले पट्टा भी प्रदान करे।
दोे चरणों में काम
प्रथम चरण
ऊपर नीचे रोड से दूध नदी पुल तक 10 मीटर चौड़ी सीमेंट सड़क। सड़क के बीच एक फीट जगह डिवाइडर के लिए छोड़ी जाएगी।
निर्माण एजेंसी- नेशनल हाईवे डिवीजन।
लागत - 3 करोड़।
परेशानी-केवल तीन स्थानों पंत निवास, मस्जिद चौक तथा पुराना बसस्टेंड के पास थोड़ी कम जगह, बिजली पोल-ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग।
दूसरा चरण
सड़क के दोनो ओर चार चार मीटर में नाली, फुटपाथ, गौरव पथ। सड़क के बीच छोड़ी गई जगह में डिवाइडर।
निर्माण एजेंसी- नगर पालिका।
लागत- 2 करोड़।
परेशानी- इस कार्य में लगभग जमीन पट्टे वाली आ रही जिसे खाली कराना तथा विस्थापित करना चुनौती।
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