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4 साल की मेहनत, इस साल 10वीं का रिजल्ट 2016 से 40% बेहतर

साल 2016 में जिले में दसवीं का रिजल्ट 50 फीसदी आया था। खराब रिजल्ट आने के बाद तत्कालीन कलेक्टर नीरज कुमार बंसोड़ ने ग्रीष्मकालीन अवकाश रद्द कर विद्यालयों में विशेष कोचिंग क्लास चलाने के निर्देश दिए। पिछले चार साल में दसवीं व बारहवीं बोर्ड के परीक्षा परिणाम बेहतर करने के लिए जिला प्रशासन ने शिक्षा के क्षेत्र में कई नवाचार किए गए। कई कार्यक्रम चलाकर शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाने के प्रयास लगातार जारी हैं। नतीजा यह रहा का साल दर साल नतीजे बेहतर आते गए। चार साल बाद इस साल दसवीं बोर्ड के नतीजा 90 फीसदी रहा और सुकमा जिला पहले स्थान पर पहुंच गया।
2016 में आए हाईस्कूल बोर्ड के नतीजों 38,6 फीसदी की तुलना में इस साल 40 फीसदी सुधार हुआ। पिछले साल 77.61 फीसदी नतीजों के साथ सुकमा प्रदेश में पांचवें स्थान पर था। साल 2018 में 69.44 फीसदी रिजल्ट के साथ सुकमा 15 वें और 2017 में 55.47 फीसदी अंक के साथ 22वें स्थान पर था। इसी तरह इस साल 12वीं बोर्ड में सुकमा 83.74 फीसदी परीक्षा परिणामों के साथ प्रदेश में छठवें स्थान पर रहा। पिछले साल 81.39 फीसदी रिजल्ट के साथ जिला 9वें स्थान पर था।
प्रगति कार्यक्रम से बोर्ड एग्जाम में रिजल्ट आए: डीईओ: डीईओ जेके प्रसाद ने बताया कि जिले में शिक्षा में सुधार के लिए 2019-20 में प्रगति कार्यक्रम चलाया गया। बोर्ड परीक्षाओं में स्टूडेंट्स के रिजल्ट बेहतर लाने विषय विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया।

आंचल गुप्ता और लिशा लोहिया जिले में टॉप :10वीं में गर्ल्स हाईस्कूल तोंगपाल की छात्रा आंचल गुप्ता और आईएमएसटी सुकमा की छात्रा लिशा लोहिया दोनों 95.5 फीसदी अंक के साथ जिले में टॉप किया है। पुसपाल स्कूल की छात्रा सारिका गंगबेर 93.83 फीसदी अंक के साथ दूसरे और आईएमएसटी की छात्रा समृद्धि कॉलोनी 92.33 फीसदी अंक के साथ टॉप 10 में तीसरे स्थान थीं। डीईओ जेके प्रसाद ने बताया कि सभी सरकारी व प्राइवेट स्कूल से बोर्ड के नतीजों की जानकारी मांगी गई है। सभी जगह से जानकारी आ जाने के बाद जिले में मेरिट में रहने वाले छात्र-छात्राओं की अंतिम सूची जारी कर दी जाएगी।
प्रदेश में 10वीं में तीसरे जबकि 12वीं में 11वें स्थान पर पर टॉप टेन में एक भी नहीं

दंतेवाड़ा| छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने मंगलवार सुबह 11 बजे 10वीं और 12वीं के नतीजे जारी कर दिए। शिक्षामंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम ने वीडियो कांफ्रेंस से ही परिणाम की घोषणा की है। हाईस्कूल में जहां 73.62 प्रतिशत परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए हैं, वहीं 12वीं का परीक्षा परिणाम 78.59 फीसदी रहा। इस बार दंतेवाड़ा ने 10वीं 85.67% रिजल्ट देकर प्रदेश में तीसरा स्थान व 12वीं में 79.82 प्रतिशत देकर प्रदेश में 11वां स्थान तो बनाया है, लेकिन टॉप टेन में इस बार दोनों ही नहीं बन पाई।
साल 2016- 17 में 85.70% रहा था। इसके बाद यह दूसरी बार है जब परिणाम इतना अच्छा रहा है। इस बार भी पास होने वाले बच्चों में लड़कियों की संख्या ज्यादा है। प्रदेश में तो किसी भी बच्चे की टॉप टेन में जगह नहीं बन पाई, लेकिन जिला की टॉप टेन सूची का बच्चों को दिनभर इंतजार रहा। दोनों ही कक्षाओं के जिले के टॉप टेन बच्चों की सूची बनाने विभाग दिनभर जुटा रहा। डीईओ राजेश कर्मा ने कहा कि पिछले सालों के मुकाबले इस बार परिणाम अच्छे हैं। हालांकि प्रदेश में टॉप टेन में जगह बनाने से हम कहां चूके हैं, इसकी समीक्षा होगी। मुस्कान के बाद नहीं खुला खाता: साल 2017 में 12 वीं में गीदम की मुस्कान जैन 7वें स्थान पर थीं। मुस्कान के बाद अब तक दोनों ही कक्षाओं में प्रदेश में जगह बनाने खाता नहीं खुला।

जानिए कक्षावार परिणाम

कक्षा- 10वीं
संख्या- 2736
छात्र छात्राएं
1427 1309
पास हुए - 2344
छात्र छात्राएं
1222- 1122
कक्षा- 12वीं
कुल संख्या- 2146
छात्र छात्राएं
1074 1072
पास हुए- 1713
छात्र छात्राएं
820 893
साल 2018- 19 के परिणाम
10वीं- 77.60%
12वीं- 73.18%



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