कोरोना संक्रमण के बीच गरीब परिवारों के चूल्हे न बुझे इसलिए केंद्र सरकार ने उन्हें अप्रैल से जून तक तीन गैस सिलेंडर मुफ्त में दे रही थी। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही न हो इसलिए इसकी मानिटरिंग की जिम्मेदारी खाद्य विभाग को सौंपी गई थी। वहीं गैस एजेंसी संचालकों को घर पहुंच सेवा देने के लिए कहा गया था।
केंद्र शासन से जारी आदेश के तहत खाद्य विभाग और गैस एजेंसी संचालकों ने अपनी जिम्मेदारी तो पूरी की, लेकिन जिन्हें इस योजना का लाभ लेना था वे आगे नहीं आए। आलम यह रहा कि जिले के 1 लाख 18 हजार 519 गरीब परिवारों में से 33 हजार 561 परिवार इस योजना का लाभ लेने आगे ही नहीं आए। इन 33 हजार 561 में 26 हजार 850 गरीब परिवारों ने तो अपने खाते ही अपडेट नहीं कराए।
ज्ञात हो कि गरीब परिवारों को धुएं से मुक्ति दिलाने केंद्र सरकार ने 2016 को उज्ज्वला योजना की शुरुआत की थी। इसके तहत दो सौ रुपए में हितग्राही महिलाओं को गैस कनेक्शन दिए गए हैं। इन्हीं गैस कनेक्शनधारियों को लॉकडाउन में मुफ्त का गैस सिलेंडर दिया जा रहा था। इस योजना की पड़ताल में खुलासा हुआ है कि 28 प्रतिशत लोगों ने सिलेंडरनहीं भरवाया।
केंद्र सरकार ने खाते में जमा किए थे 10 करोड़ 81 लाख रुपए: तीन महीने का गैस सिलेंडर लेने में गरीब परिवारों को कोई परेशानी न हो इसलिए केंद्र सरकार ने उनके खाते में डीबीटीएल के माध्यम से पैसे जमा करवा रही थी। बस्तर जिले में भी योजना के तहत पात्र पाए गए 84 हजार 958 लोगों के खाते में सरकार ने हर महीने गैस सिलेंडर के दाम के हिसाब से 10 करोड़ 81 लाख रुपए जमा किए थे। बस्तर जोन के आयल कंपनियों की ओर से नियुक्त किए गए रीजनल प्रभारी सुनील दास ने बताया कि केंद्र सरकार ने जो लोग पात्र थे उनके खाते में पैसे जमा कर दिए थे। योजना के तहत सात हजार लोगों ने किस कारण से गैस सिलेंडर नहीं भरवाया इसका कोई एक कारण नहीं था। योजना का लाभ हर गरीब परिवार को मिले इसको लेकर एजेंसियों की तरफ से कोई लापरवाही नहीं मिली।
मार्च 2021 तक योजना का फायदा मिलेगा
योजना के तहत जिन लोगों ने अप्रैल और मई में रिफिलिंग कराई थी उन परिवारों के खाते में जून की राशि आ गई। दास ने कहा कि राशि आने के बाद जो लोग अब तक गैस सिलेंडर की रिफिलिंग नहीं करवा पाए हैं। ऐसे लोगों को अगला सिलेंडर रिफिलिंग कराने के लिए मार्च 2021 तक का समय दिया गया है। इस बीच वे कभी भी इस योजना का लाभ लेते हुए गैस सिलेंडर की रिफिलिंग करवा सकते हैं। इसकी जानकारी गैस एजेंसी संचालकों द्वारा दी जा रही है।
हर महीने कम होती गई संख्या
साईं एचपी गैस एजेंसी के संचालक मुरली कश्यप ने बताया कि हर गांव में गैस सिलेंडर की रिफिलिंग के लिए गाड़ियां जा रही हैं, लेकिन लोग लेना ही नहीं चाहते हैं। कश्यप ने कहा उनकी गैस एजेंसी में 8200 लोगों को उज्जवला योजना का कनेक्शन दिया गया है। अप्रैल में 6500 लोगों ने मुफ्त का गैस सिलेंडर लेने आगे आए। वहीं मई में यह संख्या कम होकर 4800 हो गई। जून में मुफ्त का सिलेंडर लेने वालों की संख्या और कम होने की संभावना कम ही नजर आ रही है।
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