ये फोटो ब्लॉक के कोटरी नदी है। गुरुवार को नदी पर बने स्टॉप डैम के गेट खुलते ही 30 गांव के सैकड़ों ग्रामीण मछली पकड़ने एक साथ टूट पड़े। गेट खोलने से पहले ही कोडेकुर्से, हमतवाही, सोनपाल, चिखली, कोंडे, छिंदपाल, पिपली, मुरवन्दी, हडफ़ड़, नाहगीदा, मासुर, घोटियाए सहित आस पास गांव के सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण 10 किमी दूर से अलसुबह पहुंचकर दिनभर नदी में मछली पकड़ते रहे। ग्रामीण मछली पकड़ने के लिए जाली, बर्तन, चौंकी लेकर पहुंच थे। वहीं मछली पकड़ने की धुन में ये लोग भूल गए थे इनकी एक नादानी इन्हें कोरोना संक्रमित बना सकती है। मछली पकड़ने के दौरान सोशल डिस्टेंस का पालन नहीं किया गया।
वहीं कोई भी मास्क पहना हुआ नहीं था। कोटरी नदी पर बना स्टॉप डैम का गेट हर साल बारिश से पहले खोला जाता है। यह सिलसिला एक सप्ताह तक चलेगा। नवंबर महीने में स्टॉप डैम का गेट बंद कर दिया जाता है। 6 माह बाद मानसून पूर्व इसे खोला जाता है। 6 महीने में मछलियां इकट्ठी हो जाती है और जब पानी कम होता है तो भारी मात्रा में ग्रामीणों को मछलियां मिलती है। इसलिए आस पास गांवों को स्टॉप डैम का गेट खुलने का इंतजार रहता है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3ffL0Jh
via
Comments
Post a Comment