जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में ब्लड तकरीबन समाप्त हो गया है। ऐसे में कई गंभीर मरीजों की जान पर खतरा बन गया है। 300 यूनिट की ब्लड बैंक में सिर्फ 2 यूनिट खून बचा हुआ है, जो गंभीरता का परिचायक है। इससे पहले भी कुछ दिन पहले ब्लड की कमी हुई थी, तब शहर के युवा डोनर ग्रुप ने ब्लड डोनेट किया था। ब्लड बैंक से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार रात तक यहां सिर्फ 2 यूनिट खून बचा हुआ है। ब्लड बैंक में ब्लड की कमी से सबसे अधिक थैलीसीमिया व प्रसव के मरीजों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। कुछ मामले में तो शहर के रक्तदाता ग्रुप तक मामला पहुंचने के बाद संबंधित ग्रुप द्वारा रक्तदान कर मरीजों को जान बचाई जा रही है। इधर बता दें कि जिले में हर महीने करीब 4 सौ यूनिट ब्लड की जरूरत होती है, लोग ब्लड देना भी चाहते हैं, लेकिन 50 किमी की दूरी तय कर जिला अस्पताल जाने की दिक्कत होती है। लंबे समय से चिरमिरी और मनेंद्रगढ़ में ब्लड बैंक की मांग लोग कर रहे हैं। ब्लड बैंक का हाल यह है कि 10 फीसदी लोग भी ब्लड नहीं दे रहे हैं।
आज 12 बजे से शिविर
बीकेपी ब्लड ग्रुप की मांग की कलेक्टर एसएन राठौर ने ब्लड बैंक में शिविर लगाने की सहमति दी है। कलेक्टर राठौर स्वयं जिला अस्पताल के शिविर में शामिल होंगे।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/37soLNz
via
Comments
Post a Comment