कोरोना पॉजिटिव मरीजों के इलाज के लिए राज्य सरकार ने नई गाइडलाइन जारी की है नई गाइडलाइन के अनुसार अब किसी भी मरीज को कम से कम 10 दिन तो हॉस्पिटल में रहना ही पड़ेगा। इससे पहले चार से पांच दिन या हफ्तेभर में स्वस्थ होने पर मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया जा रहा था। लेकिन अब नई गाइडलाइन जारी होने से मरीजों को कम से कम 10 दिन अस्पताल में रहना होगा।
इस नई गाइडलाइन का असर मरीजों की सेहत पर बेहतर होगा। इससे कोरोनामुक्त होने वाले मरीजों को लेकर कोई संशय भी नहीं होगा। लेकिन इसका असर पॉजिटिव मरीजों के मिलने और उनके इलाज होकर ठीक होने के रेसियो पर पड़ेगा।
बस्तर जिले का पहला मरीज 11 दिन में ठीक हुआ था
इधर बस्तर में मिला पहला कोरोना पॉजिटिव मरीज मेकाज का इंटर्न डाॅक्टर था। उसे संक्रमणमुक्त करने में डाॅक्टरों का 11 दिन का समय लगा था इसके बाद 12वें दिन उसका डिस्चार्ज हुआ था जबकि अब तक मेकॉज में कुल 5 कोरोना पॉजिटिव मरीज डिस्चार्ज हो चुके हैं। इनमें से बाकी चार औसत 6 दिनों में ही काेरोना मुक्त हो गए थे। मेकॉज के इंटर्न जैसे कई मरीज हैं जिन्हें ठीक होने में कम से कम दस दिनों का समय तो लगा ही है। इसके अलावा राजधानी समेत प्रदेश के कई ऐसे हॉस्पिटल हैं जहां तीन-तीन दिनों में भी मरीज ने कोरोना काे हराया है।
17 हजार सैंपल की जांच हो चुकी, 40 सैंपल और आए
इधर मेकॉज में अब तक करीब 17 हजार सैंपल का करोना टेस्ट हो चुका है इसमें बस्तर जिले के 5, कोंडागांव जिले का 1 और कांकेर जिले के 26 सैंपल पॉजिटिव मिले हैं। इसी बीच अब राजनांदगांव, भिलाई व अन्य जिलों से भी यहां सैंपल पहुंचाए जा रहे हैं। अभी पहली खेप में यहां राजनांदगांव और उस इलाके के करीब 40 सैंपल पहुंच चुके हैं जिनकी जांच कर रिपोर्ट संबंधित हॉस्पिटलों को भेजी जा चुकी हैं। अभी मेकॉज में हर रोज करीब पांच सौ सैंपल की जांच हो रही है। आने वाले दिनों में नई ऑटोमेटिक मशीन आने के बाद यह संख्या एक हजार के पार हो जाएगी।
इस गाइडलाइन से इलाज में ये होगा असर
सरकार ने कोरोना पॉजिटिव मरीजों के लिए एक नई गाइडलाइन जारी की है। इस गाइडलाइन के आने के बाद अब हॉस्पिटलों में कोरोना पॉजिटिव मरीजों के इलाज का दबाव तो बढ़ेगा लेकिन इससे इलाज में चूक जैसी स्थिति नहीं बनेगी। इस दौरान लगातार हर दो से तीन के अंतराल में मरीज की आरटीपीसीआर जांच जारी रहेगी। 10 दिन पूरे होने के बाद फिर से मरीज की आरटीपीसीआर जांच होगी और उसे डिस्चार्ज दिया जाएगा। अभी मेकॉज में ऐसे तीन मरीज ऐसे हैं जो कोरोना की जंग जीत चुके हैं लेकिन नई गाइडलाइन आने की वजह से उन्हें डिस्चार्ज नहीं किया जा रहा है। इन तीनों का डिस्चार्ज शनिवार या रविवार को किया जाएगा। अभी मेकॉज में कुल कोरोना के 13 मरीज भर्ती हैं जिनका उपचार किया जा रहा है। मेकॉज के अधीक्षक डॉ. केएल आजाद ने बताया कि कुछ मरीज अभी स्वस्थ हुए हैं एक-दो दिनों में इन्हें डिस्चार्ज किया जाएगा।
पहले जांच में निगेटिव तो डिस्चार्ज कर देते थे
नई गाइडलाइन आने से पहले कोरोना पॉजिटिव मरीजों का दो से तीन दिन ट्रीटमेंट किया जाता था। इस बीच मरीज की करीब तीन बार आरटीपीसीआर जांच की जाती थी। आरटीपीसीआर में तीन बार लगातार निगेटिव आने पर मरीज को डिस्चार्ज कर दिया जाता था।
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