कोरोना संक्रमण के बीच लोगों को संपत्तिकर पटाने में दिक्कत न हो इसलिए प्रदेश सरकार ने बकायदारों की सुविधा के लिए 4 बार टैक्स जमा करने के लिए समय सीमा बढ़ाई। लेकिन सरकार की राहत देने की कोशिश उम्मीद के मुताबिक सफल नहीं हो पाई।
चार बार मोहलत मिलने के बाद भी अब तक 2800 बकायदारों ने संपत्तिकर जमा नहीं किया है। अब फिर से बकायादारों को राहत देने के लिए सरकार से कोई आदेश नहीं मिलने पर निगम के अधिकारी अब वसूली के लिए योजना बना रहे हैं। लेकिन आनन-फानन में वसूली को लेकर कोई गड़बड़ी न हो इसलिए शुक्रवार से नए आदेश का इंतजार किया गया। नगर निगम के राजस्व अधिकारी राकेश यादव ने कहा कि इससे पहले संपत्तिकर बकायदारों को 7 जून तक का समय दिया गया था। इस अवधि में उन्हें किसी प्रकार का ब्याज नहीं देना था। इसके बावजूद लोग आगे नहीं आए। यादव ने कहा कि सोमवार और मंगलवार को नया आदेश का इंतजार करेंगे। यदि कोई आदेश नहीं आता है तो 10 फीसदी ब्याज के साथ वसूली की जाएगी।
25 हजार लोगों से वसूलने थे 7 करोड़ 90 लाख
संपत्तिकर कर के रूप में नगर निगम को वर्ष 2019-20 का 7 करोड़ 90 लाख रुपए वसूलना था। टैक्स की वसूली 25 हजार शहरवासियों से करनी थी इसमें व्यापारी के साथ ही शहर का आम नागरिक शामिल है। बार-बार समय सीमा बढ़ाए जाने के बाद अब तक 22 हजार 200 लोगों ने टैक्स जमा कर दिया है।
भाजपा पार्षदों के धरना की योजना भी अटकी
संपत्तिकर की वसूली न कर सरकार इसे माफ कर दे। यह मांग भाजपा पार्षदों ने सीएम भूपेश बघेल से एक ज्ञापन के माध्यम से की थी। लेकिन उनकी मांग पूरी नहीं हुई। इस पर नाराज पार्षदों ने अपने-अपने घरों के सामने धरना प्रदर्शन करने की बात कही थी जो अब तक नहीं किया गया है। पार्षद धरना कब देंगे इसको लेकर कोई तारीख तय की गई है।
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