राजधानी में कोरोना के मरीज मिलने का सिलसिला बंद नहीं हो रहा है। रोज नए मरीज मिलने के बाद एक ओर प्रशासन ने कंटेनमेंट जोन पर सख्ती बढ़ाने के निर्देश दिए और हर जोन में एक-एक अफसर की तैनाती की वहीं दूसरी ओर पुलिस कालोनी का कंटेनमेंट जोन 24 घंटे में ही ध्वस्त हो गया। शुक्रवार को कालोनी में एक ही परिवार के 6 कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद सील करते हुए कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया था। शनिवार को शाम होते होते कालोनी के बेरीकेड हट गए और गेट खुल गया।
हालांकि कालोनी में पांच दिन पहले दो केस पॉजिटिव मिले थे, लेकिन उसे सील नहीं किया गया। शुक्रवार को उसी परिवार के चार केस और सामने आए। उसके बाद आनन-फानन में रात को कालोनी सील की गई, लेकिन सख्ती कुछ घंटों में ही खत्म हो गई। पॉजिटिव केस जिस फ्लैट में मिले, उसी ब्लॉक के अफसर और जवान ड्यूटी पर जाने लगे। शाम को बेरीकेड तक हटा दिया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कालोनी के सभी रहवासियों का सैंपल कलेक्ट करने की खानापूर्ति जरूर की है, लेकिन उसी हाई रिस्क वाले इलाके में रहने वाले घरों से निकल रहे हैं। इसे रोकने के लिए कोई सख्ती नहीं की जा रही है।
हालांकि पिछले कुछ दिनों से पुलिस और प्रशासन की सख्ती बस्ती जैसे इलाकों में ही सिमटती जा रही है। गोलबाजार के कारोबारी की पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद इलाके को सील तो किया गया, लेकिन अगले ही कंटेनमेंट जोन के भीतर दुकानें खुलने लगी। पुरानी बस्ती थाने के थानेदार की पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद थाने को तो सील किया गया, लेकिन उसी सटी दुकानें खुली छोड़ दी गईं। इतना ही नहीं कहीं मरीज मिलने के बाद केवल एक घंटे के भीतर ही कंटेनमेंट जोन बनाए जा रहे हैं तो कहीं दो दिन तक का समय लगाया जा रहा है।
प्रशासन करेगा सख्ती, निगरानी करने इंसीडेंट कमांडर नियुक्त
प्रशासन ने अब कंटेनमेंट में सख्ती के लिए प्रशासनिक अफसरों इंसीडेंट कंमाडर नियुक्त करने का फैसला किया है। एडीएम विनीत नंदनवार को जोन 6 से 10 को छोड़कर बाकी पूरे क्षेत्र का नोडल अफसर बनाया गया है। अपर कलेक्टर पद्मनी भोई साहू जोन-6, डिप्टी कलेक्टर पूनम शर्मा जोन 1, मुकेश कोठारी जोन 2, अंकिता गर्ग जोन 3, संयुक्त कलेक्टर राजीव पांडेय जोन 4, संदीप अग्रवाल जोन 5, प्रणव सिंह जोन 6, टीआर महेश्वरी जोन 7, यूएस अग्रवाल जोन 8, अश्वनी कंवर 9, अमित बैक जोन 10 का जिम्मा सौंपा गया है।
एक दूसरे पर टाली जा रही जिम्मेदारी
कंटनेमेंट जोन की सख्ती में कमी को लेकर अब अफसर एक दूसरे पर जिम्मेदार टाल रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक एक कंटेनमेंट जोन में एक साथ कई सारे विभागों की जिम्मेदारी होती है। सभी को अपना अपना दायित्व पूरा करना होगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी मीरा बघेल के अनुसार स्वास्थ्य विभाग का काम बेरीकेड लगाकर पहरा देना नहीं है।
21 दिन से बेरिकेडिंग
नियमों के मुताबिक किसी भी क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन बनाने के बाद 14 दिन में उस को डिनोटिफाइड करना जरूरी होता है। लेकिन लगातार मरीज मिलने के कारण ये नियम भी अब फॉलो नहीं हो पा रहा है। शहर में कुछ इलाके खासतौर पर बिरगांव और बस्ती वाले एरिया ऐसे हैं जहां 21 दिन तक बांस बल्ली गड़ी रही।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3dE2TAt
via
Comments
Post a Comment