स्वास्थ्य विभाग में सब कुछ मन मुताबिक चल रहा है। महामारी के इस दौर में जो खुद की जान दांव पर लगाकर संदेहियों के सैंपल ले रहे हैं, ऐसे कर्मचारियों का भी विभाग सगा नहीं है। उनके साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। 2 अप्रैल को बिलासपुर कलेक्टर और रेडक्रास सोसायटी ने आदेश जारी किया था। आदेश में लिखा था कि आइसोलेट, क्वारेंटाइन सेंटर, अस्पताल में संदेहियों के सैंपल लेने वाले डॉक्टर्स, पैथालॉजिस्ट और टेक्नीशियन को प्रति सैंपल पर 200 रुपए दिए जाएंगे। सैंपल पहुंचाने वाले ड्राइवर और अटेंडेंट को भी पैसे देने की बात कही गई थी। दो महीने बीत जाने के बाद भी इन कर्मचारियों को पैसे नहीं मिले हैं। जब कर्मचारियों ने अपने पैसों की मांग की तो उन्हें 10 मई तक के पैसे दिए जा रहे हैं ऐसा कहा गया, लेकिन अभी तक किसी तरह के कोई पैसे नहीं दिए गए हैं। बता दें कि सीएमएचओ दफ्तर सहित पूरे जिले में मेडिकल लैब टेक्नीशियन(एमएलटी) सहित 80 कर्मचारी ऐसे हैं जो संदेहियों के सैंपल ले रहे हैं। अभी तक 11187 सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। 200 रुपए प्रति सैंपल के हिसाब से 22 लाख 37 हजार 400 रुपए होते हैं, जो स्वास्थ्य विभाग में अटके हैं। कर्मचारियों तक नहीं पहुंचे हैं। ऐसे में कर्मचारियों के काम करने का मनोबल गिर रहा है। नाम नहीं छापने की शर्त पर उन्होंने बताया कि हम लोग खुद की जान की परवाह नहीं करते और संदेहियों के सैंपल ले रहे हैं, बावजूद इसके विभाग हमारे साथ ही सौतेला व्यवहार कर रहा है। उन्होंने बताया कि जब हमने अपने पैसों की मांग की तो हमें कहा गया कि 10 मई तक के पैसे दिए जाएंगे, हमने कहा- कब देंगे? ये पूछते ही कहा गया कि जब आना होगा आ जाएंगे। अब ऐसे हालात में काम करने में भी मन नहीं लगता लेकिन सोचते हैं कि इस महामारी में लोगों की जान पैसों से ज्यादा कीमती है, यह सोचकर लगातार काम कर रहे हैं, लेकिन अधिकारियों को भी हमारे बारे में सोचना चाहिए।
80 एमएलटी जिलेभर में संदेहियों के ले रहे सैंपल
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक सीएमएचओ दफ्तर सहित पूरे जिले में 80 मेडिकल लैब टेक्नीशियन(एमएलटी) नियमित रूप से काम कर रहे हैं। इनमें 50 रेगुलर हैं तो 30 संविदा पर हैं। सभी अलग-अलग क्षेत्र में अलग-अलग समय तैनात रहते हैं। संदेहियों के तत्काल सैंपल लेते हैं। इसके बाद उन्हें रायपुर तक एंबुलेंस में पहुंचाते हैं। संक्रमण के इस खतरे के बीच वे नौकरी कर रहे हैं इसके बाद भी विभाग उनके पैसों को नहीं दे रहा है।
पढ़िए 2 अप्रैल को जारी आदेश
बिलासपुर जिले में कोराेना वायरस कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम व नियंत्रण के लिए शीघ्रता के साथ कोरोना सैंपल कलेक्शन व जांच कार्य के लिए कलेक्टर व अध्यक्ष भारतीय रेडक्रास सोसायटी जिला शाखा बिलासपुर के द्वारा इस कार्य में संलग्न डॉक्टर्स, पैथोलाजिस्ट व टेक्नीशियन स्टाफ को रेडक्रास सोसायटी से प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया है। आइसोलेटेड / क्वारेंटाइन व्यक्तियों की उनके निवास पर जाकर परीक्षण कार्य में संलग्न डाॅक्टर्स, पैथोलाजिस्ट व टेक्नीशियन स्टाफ को प्रति सैंपल कलेक्शन पर 200 रुपए दिए जाएंगे। चिकित्सालय में कोरोना जांच सैंपल एकत्र करने वाले डॉक्टर्स, पैथोलाजिस्ट व टेक्नीशियन स्टाफ को प्रति सैंपल कलेक्शन पर 200 रुपए मिलेंगे। उक्त कार्य में संलग्न व अटेंडेंट को 200 रुपए प्रति दिवस देने कहा था। कार्य में संलग्न स्टाफ की सूची डॉ. एसके लाल नोडल अधिकारी कोविड-19 मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी के माध्यम से सूची जिला समन्वयक रेडक्रास को भुगतान के लिए उपलब्ध कराएंगे। उक्त सूची प्रथम सैंपल कलेक्शन तिथि से तैयार की जाएगी।
-डिप्टी कलेक्टर अंशिका पांडेय का कहना है कि जो आदेश जारी हुआ था वो रेडक्रास सोसायटी की तरफ से हुआ था। इस सोसायटी के सचिव सीएमएचओ हैं। वो ही ज्यादा बता पाएंगे पैसा अभी तक क्यों नहीं मिला। इतना जरूर है कि पांच लाख रुपए उनके लिए जारी भी किए जा चुके हैं। चाहे स्टेशन पर हो या कहीं भी जो कर्मचारी संदेहियों के सैंपल ले रहे हैं सभी को ये पैसे दिए जाएंगे।
-सीएमएचओ डॉ. प्रमोद महाजन का कहना है कि हमने चेक तैयार कर लिया है। जल्द ही उनको पैसा मिल जाएगा। स्टेशन पर सैंपलिंग लेने वालों को भी प्रति सैंपल 200 रुपए दिए जाएंगे। हमारी कोशिश है कि जल्द से जल्द उन्हें पैसा मिले।
बैंक में अटक गया है मामला
कोरोना सैंपल लेने वाले कर्मचारियों को पैसे अभी तक क्यों नहीं दिए गए?
इस सवाल के जवाब में जिला सर्विलेंस अधिकारी डॉ. एसके लाल ने कहा कि हमारे यहां से पैसा सबमिट हो गया है। बैंक में कोई आब्जेक्शन है, इसलिए बैंक में हीअटका है।
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