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ग्रहण के दौरान शहर में 20 मिनट तक चांद के आकार में दिखा सूर्य

रविवार को सूर्यग्रहण का असर बालोद शहर सहित गांवों में भी दिखा। मंदिरों के पट सुबह से दोपहर तक बंद रहे, जो शाम को खुले। बालोद के कन्या हाईस्कूल में टेलीस्कोप से सुबह 10.20 से दोपहर 1.15 तक सूर्यग्रहण का दीदार शिक्षक करते रहे। छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग और छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा के सहयोग से दो टेलीस्कोप व एक्सपर्ट के माध्यम से बच्चों और जनता के बीच इस खगोलीय घटना को दिखाकर समझाया गया। एक टेलीस्कोप शासकीय आदर्श कन्या शाला बालोद व दूसरा महासमुंद जिले के बसना ब्लॉक के शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल गढ़फुलझर में था। दोनों टेलीस्कोप अटल लैब के हैं। जिसका संचालन भौतिकी के व्याख्याता भूपेश्वर नाथ योगी व अजय कुमार भोई ने किया।
दोपहर 1.49 ग्रहण समाप्त हुआ: योगी ने बताया कि सुबह 10.17 से दोपहर 12.10 बजे तक सूर्य अधिकतम ग्रहण की स्थिति में था। 1.49 बजे ग्रहण समाप्त हुआ। सुबह 11.50 से दोपहर 12.10 बजे तक सूर्य चांद के आकार में दिखा। कोरोना के कारण स्कूल स्तर में सूर्यग्रहण का अवलोकन करने के लिए छात्राओं का बुलाना उचित नहीं था इसलिए छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग ने यूट्यूब और वेबैक्स का उपयोग कर बालोद सहित पूरे छत्तीसगढ़ में एक साथ लाइव प्रसारित किया। इसके लिए छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग का पोर्टल पढ़ाई तुहर दुवार का उपयोग किया गया। पहला अवसर था जब सूर्यग्रहण को यूट्यूब और वेबैक्स के माध्यम से 13 हजार दर्शकों तक लाइव टेलीकास्ट किया गया। जिसमें कन्या शाला के 70 स्टूडेंट्स भी शामिल हुए। सैकड़ों शिक्षकों ने भी राज्य स्तरीय लाइव टेलीकास्ट में जुड़कर सूर्यग्रहण देखा।

ग्रहण होने के वैज्ञानिक कारणों का उल्लेख किया
बालोद के भूपेश्वर नाथ योगी ने पॉवर प्वाइंट प्रेजेंटेशन से ग्रहण होने के वैज्ञानिक कारणों का उल्लेख किया। इससे जुड़ी सामाजिक कुरीति व अंधविश्वासों का खंडन किया। कहा कि पुरानी रूढ़िवादी परंपराओं को छोड़ें और वैज्ञानिक अवधारणा से परिचित होते हुए खगोलीय घटनाओं का आनंद लें। इस दौरान प्राचार्य अरुण कुमार साहू, अखिलेश वर्मा, रूपनारायण देशमुख, छत्रपाल बघेल, लोचन देशमुख मौजूद रहे।

चर्चा में मेडिकल अफसर व प्रोफसर शामिल हुए
सूर्यग्रहण का इतिहास व इससे जुड़ी कई अवधारणाएं स्पष्ट किया गया। इस दौरान क्या करें, क्या न करें आदि विषय पर चर्चा की गई। सभी ने पूरे तथ्यों के साथ इस विषय पर अपनी बात रखी। चर्चा में डॉ. कांतिभूषण बंसोडे (शासकीय चिकित्सक एवं मेडिकल ऑफिसर), डॉ लक्ष्मीकांत चावरे (प्रोफेसर सीबीएस रायपुर रविशंकर विवि), निसार अली (कला मंच छग), पूर्ण चंद रथ शामिल हुए।



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During the eclipse, the sun showed in the shape of the moon for 20 minutes in the city


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