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इनकम टैक्स से जुड़ी दिक्कतें बता सकते हैं ऑनलाइन, तीन माह तक हाउसिंग बोर्ड के मकानों का रेट 20% कम रहेगा

छत्तीसगढ़ के इनकम टैक्स करदाताओं को अब बड़ी राहत मिलेगी। राज्य में पहली बार ऐसा सिस्टम बनाया गया है कि इनकम टैक्स से संबंधित किसी भी तरह की परेशानी हो तो उसके लिए ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। विभाग के अफसर तत्काल इसका निराकरण करेंगे। इससे आयकरदाताओं की शिकायतें दफ्तर जाए बिना ही बेहद कम समय में दूर हो जाएंगी। इंकम टैक्स करदाताओं की सहूलियत के लिए विभाग के चीफ कमिश्नर अपनी निगरानी में करदाताओं की समस्याओं का निराकरण करवाएंगे। इस नए सिस्टम के लिए आयकर विभाग एक गूगल फॉर्म से करदाताओं से आवेदन मंगवाएगा। करदाता प्राथमिकता बेसिस में रिफंड, सुधार, अपील प्रभाव से संबंधित अपनी परेशानियों को दूर करने के लिए ऑनलाइन लिंक https://bit.ly/300LlLG पर आवेदन कर सकते हैं। जल्द ही इस सिस्टम में और भी नए फीचर्स जोड़े जाएंगे। द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टड अकाउंटेंट्स इंडिया (आईसीएआई) के रायपुर चैप्टर के चेयरमैन सीए किशोर बरडिया ने बताया कि टैक्स विवादों को खत्म करने के लिए लाई गई योजना विवाद से विश्वास स्कीम की समय सीमा बढ़ा दी गई है।

अब इस योजना का फायदा 31 दिसंबर 2020 तक लिया जा सकता है। इस स्‍कीम के तहत करदाता सरकार के साथ बिना अतिरिक्त शुल्‍क दिए अपने पुराने टैक्‍स विवाद को निपटा सकते हैं। इसके साथ ही कोरोना संकट की वजह से इंकम टैक्‍स रिटर्न दाखिल करने के लिए वित्त वर्ष 2019-20 के फॉर्मों में बदलाव किए गए हैं। वित्तीय साल 2019-20 के लिए आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तारीख पहले ही बढ़ाकर 30 नवंबर 2020 कर दी गई है। टैक्‍स ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने की अंतिम तारीख भी एक महीने आगे बढ़ गई है। नए आयकर रिटर्न फॉर्म में अनुसूची-डीआई को भी जोड़ा गया है। इसके तहत करदाता को 1 अप्रैल 2020 से 30 जून 2020 के बीच टैक्‍स-बचत योजनाओं में किए गए निवेश या अनुदान की अलग से जानकारी देनी होगी। आईटी विभाग ने 29 मई को वित्तीय साल 2019-20 के लिए सभी आईटीआर फॉर्मों को अधिसूचित कर दिया है। अब ई-फाइलिंग वेबसाइट पर आईटीआर-1 यूटिलिटी (ई-फॉर्म) भी जारी कर दिया गया है।

लॉकडाउन के दौरान छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने लोगों को बड़ी राहत दी है। आने वाले तीन महीने तक लोग पुरानी कीमत और 20 फीसदी तक की छूट के साथ आसानी से बोर्ड के मकानों की खरीदी कर सकते हैं। लॉकडाउन के पहले बोर्ड ने मकानों की कीमत में 15 से 20 फीसदी तक की कमी की थी। इस छूट का फायदा लेते हुए लोगों ने 46 करोड़ के 543 मकानों की खरीदी की। इसमें 502 आवासीय और 41 कमर्शियल प्रॉपर्टी है। बेहतर रिस्पांस की वजह से ही बोर्ड ने एक बार फिर से यह योजना शुरू की है। ताकि लोग पुरानी कीमत पर ही मकान खरीद सकें। हाउसिंग बोर्ड की इस योजना में रायपुर शहर, नवा रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, जगदलपुर, धमतरी, कोंडागांव और कवर्धा में बने 3500 मकानों को शामिल किया गया है। किस शहर में कितने मकान खाली है इसकी जानकारी बोर्ड की वेबसाइट में भी अपलोड कर दी गई है। इसके साथ ही जिन लोगों पर मकान खरीदी का पुराना बकाया है उस पर भी ब्याज में 100 फीसदी की छूट दे दी गई है। बोर्ड की इस योजना के तहत 1557 बकायादारों में 215 लोगों ने इसका फायदा भी ले लिया है। इस स्कीम को भी अब 30 जून 2020 तक बढ़ा दिया गया है।

ताकि लोग पुराना बकाया अदा कर अपने मकान के मालिक बन सके। बोर्ड के मुख्य संपदा अधिकारी एमएस शेख ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से इस योजना का फायदा लोग नहीं ले पाए थे। इस वजह से इस स्कीम को तीन महीने के लिए बढ़ा दिया गया है। लोगों को इस योजना की जानकारी एसएमएस और टेलीकॉलिंग से दी जा रही है। इसके अलावा लोग योजना से संबंधित किसी भी तरह की जानकारी टोल-फ्री नंबर 1800-121-6313 में कॉल करके या नजदीकी संभाग-प्रक्षेत्र कार्यालय में भी जाकर ले सकते हैं।



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