सीएम भूपेश बघेल के निर्देश के बाद जवानों का मानसिक तनाव दूर करने के लिए डीजीपी डीएम अवस्थी ने मनोवैज्ञानिक व अफसरों से चर्चा कर स्पंदन कार्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके अंतर्गत अब डीजीपी अवस्थी हर महीने में दो बार पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों से सीधे बातचीत कर समस्याएं सुनेंगे। इसके अलावा कमांडेंट को जवानों के साथ रात बिताने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि एसपी थानों व पुलिस लाइन का दौरा कर पुलिस कर्मचारियों से बातचीत करेंगे। डीजीपी भी समय-समय पर दूरदराज के क्षेत्रों में पुलिसकर्मियों से मिलने जाएंगे। 15 दिन में एक एप तैयार किया जाएगा जिससे पुलिसकर्मी व परिजन शिकायत कर सकेंगे।
डीजीपी अवस्थी ने मंगलवार को एडीजी अशोक जुनेजा, सभी आईजी व मनोवैज्ञानिक डॉ. इला गुप्ता से बात की। पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के बढ़ते अवसाद को कम करने के उपायों पर चर्चा की गई। घंटों मंथन के बाद स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर बनाया गया है। इसके अंतर्गत यह तय किया गया है कि पुलिस अधिकारी पुलिस लाइन, थाने, सशस्त्र बल की कंपनियों का भ्रमण कर जवानों के साथ समय बिताएंगे। इस दौरान घुल-मिलकर काम में आ रही समस्याओं के बारे में जानेंगे। इसी कड़ी में हर कमांडेंट को महीने में एक बार कंपनी दफ्तर में रात्रि विश्राम करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी दुर्गम इलाकों से लगे हुए कैम्पों में मनोविज्ञानी, म्यूजिक थेरेपी, योग शिक्षा, खेलकूद, पुस्तकालय इत्यादि की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से की जाएगी। सभी आईजी को तत्काल लागू करने कहा गया है।
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