संजय मिश्रा | नरवा, घुरुवा, गरुवा और बारी योजना में गौठानों के जो सब्जबाग दिखाए गए थे उसे विभागों के अफसरों ने ध्यान न देकर बर्बाद कर दिया है। इन गौठानों में लकड़ी की बल्लियों के अलावा और कुछ नजर नहीं आ रहा है। शुरूआत में बनाए गए 98 गौठानों पर 2 करोड़ 94 हजार रुपए की राशि खर्च की गई लेकिन यहां मवेशी, चारा, खाद सब कुछ गायब है। जिले में रोका छेका अभियान की शुरूआत हो गई है। शुक्रवार को पंचायतों में दिखावे के तौर पर शपथ दिलाई गई कि खुले में घूमते हुए मवेशियों को गौठानों में भेजा जाएगा। मवेशी गौठानों में तो तब जाएंगे जब वहां कुछ होगा। गौठानों में मवेशियों के लिए न शेड बचे हैं और न ही चारा। मवेशी नहीं गए तो खाद कहां से बनेंगे। उनके लिए बनाए गए पानी के टैंक तक खाली हैं।
गनियारी में गौठान नाम के सिवा कुछ नहीं

8 लाख रुपए से बने गनियारी गौठान में कुछ भी नहीं बचा है। खाद वाले रैक खाली हैं। गोबर प्लांट में गोबर नहीं डाला जा रहा है। एक भी मवेशी नहीं है और मवेशियों के लिए बनाए गए टैंक में पानी तक नहीं भरा है। स्व सहायता समूह वाले शेड पूरी तरह बर्बाद हो चुके हैं।
नेवरा में चारा तो है लेकिन शेड नहीं है
नेवरा गौठान 3 लाख 42 हजार की राशि से बनाया गया, यहां भी हालत खराब है। स्व सहायता समूहों के रैक में खाद तो है लेकिन चारा बारिश में भीग रहा है और शेड का छज्जा फट चुका है। यहां एक भी मवेशी नहीं है। गौठान के गेट पर ताला लगा है लेकिन कोई मौजूद नहीं था।
पीपरतराई में तीन माह बाद शुरू हुआ काम
पीपरतराई दूसरे चरण में बनने वाला गौठान है। वर्तमान में यहां सिर्फ मवेशियों के लिए पानी के टैंक और खाद के लिए रैक बनाए गए हैं। इसके अलावा अभी कुछ काम शुरू हुआ है। गौठान बनने की प्रक्रिया देखकर लग रहा है कि साल के अंत तक ही यह बन पाएगा।
नए गौठानों पर फिर होंगे 6.84 करोड़ रुपए
जिले में 98 गौठान कागजों पर बनने के बाद दूसरे चरण में 228 गौठानों के बनाए जाने की प्रक्रिया चल रही है। प्रत्येक गौठान पर 3-3 लाख रुपए के हिसाब से कुल 6.84 करोड़ की राशि खर्च की जाएगी।
किस गौठान में किन सुविधाओं का दावा
गनियारी: पानी के टैंक-15,खाद के रैक-04, गोबर गैस प्लांट-01,मवेशियों का चेकअप। खाद कलेक्शन रैक-12, सोलर प्लांट-02, मवेशी क्षमता-100
नेवरा: पानी के टैंक08, खाद कै रैक- 04 गोबर गैस प्लांट-0 मवेशियों का चेकअप-1 सोलर प्लांट-02 मवेशी क्षमता-200
गौठानों की हालत सुधारने जारी किया गया फंड
"जिन गौठानों में कमियां हैं उनकी हालत सुधारने के लिए राशि जारी की गई है। प्रत्येक गौठानों को 40-40 हजार रुपए की राशि से वहां की कमियों को दूर किया जाएगा । गौठानों के रखरखाव में गंभीरता लाई जाएगी। संचालन समिति से मॉनिटरिंग रिपोर्ट ली जाएगी।"
- रिमन सिंह, परियोजना अधिकारी, जिला पंचायत बिलासपुर
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