गांव की तरह शहर में भी गोठान बनना जरूरी है, क्योंकि यहां बना कांजी हाऊस काफी छोटा पड़ता है। यहां सिर्फ 15 से 20 मवेशियों को एक साथ रखा जा सकता है। शहरी सीमा में आवारा मवेशियों की संख्या काफी ज्यादा है। पालक भी मवेशियों को खुले में छोड़ देते हैं, जिससे वे सड़कों पर घूमते रहते हैं। इन मवेशियों को रखने शहर में गोठान बनाने 6 महीने पहले प्रस्ताव बनाकर कांकेर नगर पालिका ने शासन को भेजा था, लेकिन अब तक स्वीकृति नहीं मिल पाई है।
जून से गांवों के साथ शहर में भी रोका छेका अभियान शुरू किया गया गया है। अभी तक की स्थिति में शहर में 17 मवेशियों को पकड़ा गया है। मवेशियों के पशु मालिकों से 100-100 रुपए चालानी कार्रवाई करते मवेशियों को फिर से छोड़ दिया गया। चालानी कार्रवाई के बाद फिर से शहर की सड़कों पर मवेशी घूमते नजर आ रहे हैं। मवेशियों की वजह से शहर की सड़कों पर ट्रैफिक प्रभावित हो रही है। मवेशियों को रखने शहर में कांजी हाऊस बनाया गया है, लेकिन यहां एक साथ कई मवेशियों को रखना संभव नहीं हो पाता है। कांजी हाऊस की क्षमता 15 से 20 मवेशियों की है। कांजी हाऊस की जगह बड़े स्वरूप में गोठान बनाने की जरूरत है। नगर पालिका ने गोठान के लिए एक एकड़ जगह अलबेलापारा वार्ड में गार्डन के पास आरक्षित की है। 6 माह पहले गोठान के लिए 29 लाख रुपए का प्रस्ताव बनाकर राज्य शासन को भेजा गया है, लेकिन अभी तक स्वीकृति नहीं मिल पाई है।
राशि स्वीकृत होनेपर गोठान बनेगा
नगर पालिका सीएमओ सौरभ तिवारी ने कहा कांजी हाऊस छोटा पड़ता है। शहर में भी गोठान शुरू करने की योजना है। अलबेलापारा में एक एकड़ जमीन आरक्षित करते शासन को 29 लाख का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। राशि स्वीकृत होने पर गोठान बनाया जाएगा।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2BOamPX
via
Comments
Post a Comment