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रायपुर में पहली बार 17 केस, प्रदेश में 80 मरीज मिले, मरीजों की संख्या 1866 पहुंची,

राजधानी में बुधवार को कोरोना विस्फोट जैसी स्थिति रही। पहली बार 24 घंटे में कोरोना के 17 नए मरीज मिले हैं। जबकि रायपुर जिले में 25 मरीजों की पुष्टि हुई है। प्रदेश में 80 नए मरीजों की पहचान की गई है। अब रायपुर जिले में मरीजों की संख्या बढ़कर 177 हो गई है। इनमें आधे से ज्यादा रायपुर शहर के हैं। जांजगीर-चांपा से 10, बलौदाबाजार से 8, रायगढ़ से 5, बेमेतरा, कोरबा, गरियाबंद व महासमुंद से 4-4, जशपुर से 3, दुर्ग से 2, राजनांदगांव व मुंगेली से एक-एक मरीज मिले हैं। मंगलवार की देर रात 9 मरीज मिले थे। प्रदेश में मरीजों की संख्या 1866 पहुंच गई है। बुधवार को 148 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया है। अब तक 1099 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। उन्हें 14 दिनों के क्वारेंटाइन पर भेज दिया गया है। प्रदेश में अब एक्टिव केस 756 हैं। वहीं लॉकडाउन के दौरान रायपुर में ऑनलाइन क्लास के लिए फीस वसूली पर रोक लगा दी गई है।
रायपुर में जो मरीज मिले हैं, उनमें अंबेडकर अस्पताल के जूडो के संपर्क में आने वाले तीन जूडो शामिल हैं। इसके अलावा एयरपोर्ट के पास जैनम भवन में क्वारेंटाइन मजदूर, मुंबई व पुणे से लौटे लोगों के अलावा होम आइसोलेशन में रहने वाले लोग शामिल हैं। मरीजों के संपर्क में आए 13 लोगों की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एसके सिन्हा ने बताया कि सभी मरीजों के संपर्क में आए लोगों का सैंपल भी लिया जा रहा है। इसे जांच के लिए लैब भेजा जाएगा।
संदिग्ध नहीं होने के बाद भी लिए जा रहे सैंपल, नोटिस
एक निजी लैब के स्वाब सैंपल लेने की शिकायतें मिलने के बाद सीएमएचओ कार्यालय ने नोटिस जारी कर लैब से पूछा है कि किस प्रोटोकाल के तहत ये कर रहे हैं? आईसीएमआर की गाइडलाइन के अनुसार सर्दी, खांसी, बुखार व सांस लेने में परेशानी वाले मरीजों का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजना है। दरअसल प्रदेश में केवल एक निजी लैब कोरोना जांच के लिए अधिकृत है। इसका शुल्क 4500 रुपए है, जिसे मरीज को पटाना है।

स्वस्थ होने की दर बढ़ी, अस्पतालों में प्रेशर कम
रायपुर जिले में 1 जून से अभी तक 144 मरीज मिल चुके हैं। इसमें शहर के अलावा धरसींवा, अभनपुर ब्लॉक के मरीज भी हैं। इनमें ऐसे मरीज ज्यादा हैं, जो पहले संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए हैं। प्रदेश में जिस रफ्तार से मरीज मिल रहे हैं, उसी गति से वे स्वस्थ भी हो रहे हैं। इस कारण एम्स, अंबेडकर अस्पताल, माना व दूसरे कोरोना अस्पतालों में मरीजों की संख्या कम होने लगी है। इससे स्वास्थ्य विभाग को राहत मिली है। अधिकारियों का कहना है कि ज्यादा से ज्यादा मरीज स्वस्थ होंगे तो अस्पतालों में बेड की समस्या नहीं रहेगी। हालांकि अचानक मरीज बढ़े तो रायपुर के इनडोर स्टेडियम में रखे जाएंगे। इसकी तैयारी भी कर ली गई है। एम्स, अंबेडकर व माना अस्पताल में बेड फुल होने के बाद वहां भर्ती होगी। हालांकि अगले एक हफ्ते तक ऐसी स्थिति आने की संभावना नहीं है।
बिना लक्षण के मरीज ज्यादा, इसीलिए जल्दी ठीक हो रहे
डॉक्टरों का कहना है कि बिना लक्षण वाले मरीज ज्यादा आ रहे हैं इसलिए वे 4 से 5 दिनों में ठीक हो रहे हैं। गंभीर मरीजों की संख्या महज 5 प्रतिशत के आसपास है। इन्हें वेंटीलेटर की जरूरत पड़ती है। ऐसे मरीजों को एम्स रिफर किया जा रहा है। प्रदेश के 26 जिलों में कोरोना के मरीज मिल चुके हैं। केेवल बीजापुर व सुकमा जिले में कोराेना का संक्रमण नहीं हुआ है।



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तस्वीर बिलासुुर की है जहां 5 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। इन मरीजों में नायब तहसीलदार भी शामिल हैं।


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