जिले में अब तक जितने भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे वे सभी दूसरे राज्यों से लौटने वाले मजूदर थे। जिले में अंतिम बार 5 कोरोना मरीज 8 जून को मिले थे। 14 दिनों की राहत के बाद 22 जून को जिले में 2 नए कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इस बार जो कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं वे प्रवासी मजदूर नहीं बल्कि फौजी तथा उनके परिवार से हैं। हरियाणा से चारामा के जुनवानी लौटने वाले एक फौजी के अलावा दिल्ली से कांकेर के गढ़पिछवाड़ी लौटने वाली फौजी की गर्भवती पत्नी कोरोना पॉजिटिव पाई गईं हैं। दोनों कोरोना मरीजों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज जगदलपुर भेजा गया। दोनों नए मामलों को मिलाकर जिले में अब कोराना पॉजिटिव पाए गए लोगों की संख्या 28 हो गई है।
पहला मरीज चारामा विकासखंड के ग्राम जुनवानी में मिला जो फौजी है। हरियाणा के हिसार में पदस्थ यह फौजी गत 10 जून को हवाई मार्ग से रायपुर तथा वहां से सड़क मार्ग से अपने गांव पहुंचा था। गांव पहुंचते ही वह अपने घर चला गया था। सूचना मिलते ही गांव के क्वारेंटाइन सेंटर प्रभारी पंचायत सचिव ने उसे क्वारेंटाइन सेंटर में रहने कहा। 11 जून से उक्त फौजी गांव के क्वारेंटाइन सेंटर में एक अन्य युवक के साथ रह रहा था। गांव के लोगों का कहना है क्वारेंटाइन सेंटर से अक्सर उक्त फौजी को निकलकर गांव में घूमते हुए देखा गया था। सेामवार को उसकी रिर्पोट पॉजिटिव आते ही उसके परिजनों सहित उसके संपर्क में आने वाले दोस्तों कुल 15 लोगों का स्वाब सैंपल लिया गया। इसके साथ ही इन सभी को क्वारेंटाइन भी कर दिया गया है।
दूसरी मरीज भी फौजी परिवार से ही है। कांकेर विकासखंड के ग्राम गढ़पिछवाड़ी निवासी फौजी दिल्ली में पदस्थ था। उसकी पत्नी छह माह की गर्भवती थी। दिल्ली में हालात बिगड़ने के कारण उसे पत्नी को इलाज के लिए अस्पताल ले जाने में परेशानी होती थी। इसके चलते वह छुट्टी लेकर पत्नी को हवाई मार्ग से 7 जून को घर आ गया। सूचना मिलते ही फौजी तथा उसकी पत्नी को क्वारेंटाइन सेंटर भेजने की बात आई। पत्नी के गर्भवती होने के कारण होम आइसोलेशन में ही रहने अनुमति दे दी गई।
घर में ससुर के अलावा देवर भी रहते हैं। सोमवार को महिला की रिर्पोट पॉजिटिव आने के बाद उसे जगदलपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया। साथ ही परिजनों के अलावा संपर्क में आने वाले कुल 8 लोगों का स्वाब सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया है।
बाउंड्रीवॉल छोटी इसलिए निकल जाते थे संदिग्ध
जुनवानी क्वारेंटाइन सेंटर में भी लापरवाही बरते जाने की शिकायत है। यहां गांव वालों के अनुसार जिस फौजी को क्वारेंटाइन सेंटर में रखा गया था उसे अक्सर गांव में घूमते देखा गया है। इस संबंध में क्वारेंटाइन सेंटर प्रभारी पंचायत सचिव सुदर्शन बंजारा ने कहा प्राथमिक शाला को क्चारेंटाइन सेंटर बनाया गया था जिसकी बाउंड्रीवॉल बहुत छोटी है। हो सकता है कि क्वांरेटाइन लोग वहां से कूद कर निकल जाते हों। दिन में दो बार क्वारेंटाइन सेंटर का निरीक्षण करने जाते थे, हर बार फौजी तथा एक अन्य व्यक्ति सेंटर में ही पाए जाते थे।
पड़ोस के लोग फौजीके घर पहुंचे नहाने
गर्भवती होने के कारण महिला को घर पर ही होम आइसोलेशन में रहने अनुमति दी गई थी। यहां बड़ी लापरवाही हुई। परिजन तो साथ रह ही रहे थे बिजली गुल होने पर पड़ोस के लोग उनके घर नहाने आए थे। होम आइसोलेशन के दौरान जितने भी लोग इस फौजी के घर पहुंचे थे सभी का स्वाब सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया है।
जिले की पहली मरीज जिसमें मिले लक्षण
अब तक कांकेर जिले में जितने भी कोरोना पॉजिटिव आए थे सभी ए सिम्टोमेटिक यानी बिना लक्षण वाले थे। गढ़पिछवाड़ी में पाजिटिव पाई गई फौजी की पत्नी पहली सिम्टोमेटिक मरीज है। उसे कुछ दिनों से सर्दी खांसी थी। हालांकि डाक्टरों का कहना है दवा देने के बाद महिला की सर्दी खांसी ठीक हो गई थी। गर्भवती होने के कारण उसका मामला अलग हो गया।
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