Skip to main content

तीन दिन में मिले मलेरिया के 110 मरीज, 62 में कोई लक्षण ही नहीं

बस्तर जिले को मलेरिया से मुक्त करने के लिए दूसरे चरण का अभियान शुरू किया गया है। 20 दिन के इस अभियान में इस बार बारिश को देखते हुए 7 ब्लॉकों के पहुंचविहीन गांवों तक स्वास्थ्यकर्मी पहुंचेंगे। सप्ताह में तीन दिनों तक डोर टू डोर अभियान के तहत 44 गांवों के करीब 35,500 लोगों की मलेरिया जांच की जाएगी। पहले चरण में के बाद दूसरे चरण में मरीजों की संख्या कम होने की बात कहीं जा रही थी लेकिन तीन दिन की जांच में में ही करीब 110 नए मरीज मलेरिया से पीड़ित पाए गए। इन मलेरिया पीड़ितों में 62 मरीज ऐसे हैं जिनमें किसी तरह का कोई लक्षण नहीं है।
अब इन सभी मरीजों को उनके घर पर ही रखा गया है। जहां वे स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं बाकायदा इनकी निगरानी भी की जा रही है। दूसरा चरण इस बार 30 जून तक चलेगा। जिसमें मलेरिया पीड़ितों की संख्या पहले चरण से ज्यादा मिलने की बात कही जा रही है। जानकारी के मुताबिक मलेरिया के सबसे अधिक मरीज जून से सितंबर के बीच मिलते हैं। क्योंकि यह मौसम इन मच्छरों के के लिए उपयुक्त है। जिला मलेरिया अधिकारी एसएस टीकाम ने बताया दूसरे चरण में बास्तानार, दरभा, लोहांडीगुड़ा, नानगुर ब्लॉक के पहुंचविहीन गांवों में सोमवार, बुधवार और गुरुवार को यह अभियान चलाया जा रहा है।

पहले चरण में 5 हजार से अधिक मरीज मिले थे
जिले में पहले चरण में मलेरिया के 5203 मरीज पाए गए थे। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने दूसरे चरण में मलेरिया के मरीजों की संख्या कम होने की बात कही थी लेकिन दूसरे फेस में ऐसा होता नहीं दिख रहा है। जिन पहुंचविहीन गांवों में यह अभियान चलाया जा रहा है वहां की एपीआई 10 से अधिक है। इसके चलते यह उम्मीद की जा रही है कि दूसरे चरण में पहले चरण से ज्यादा मरीज मिलेंगे। गौरतलब है कि 5203 मरीजों में 3514 मरीज असिंप्टाेमेटिक मलेरिया के पाए गए थे।

अभियान में पहली बार हीमोग्लोबिन की जांच
अभियान के दूसरे चरण में मलेरिया की जांच के साथ स्वास्थ्य कर्मचारियों को हीमोग्लोबिन की जांच करनी है। इसके लिए इनको प्रशिक्षण दिया जा चुका है। ये डोर टू डोर अभियान के तहत ग्रामीणों में मलेरिया और हीमोग्लोबिन की जांच कर रहे हैं। लोहांडीगुड़ा बीएमओ पीएल मंडावी ने बताया कि बस्तर को मलरिया, एनीमिया और कुपोषण से मुक्त करना है। जिसको ध्यान में रखकर महिलाओं में हीमोग्लोबिन की जांच की जा रही है।

ऐसे जज्बे से ही हारेगा मलेरिया
बीएमओ पीएल मंडावी ने बताया यह नदियों का संगम खतरे से खाली नहीं है। फिर भी पानीग्रही ने नदी पार कर गांव में ग्रामीणों का इलाज किया। इसके अलावा कई महिला स्वास्थ्य कर्मी भी नाला पार कर गांव में ग्रामीणों में मलेरिया और हीमाेग्लोबिन की जांच कर रही हैं। दोनों बीमारियों से निजात पाने के उपाय भी बता रही हैं ।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
ये तस्वीर लोहांडीगुड़ा ब्लॉक में पदस्थ्य स्वास्थ्यकर्मी संतोष पानीग्रही की है जो चंदेला से अमलीधार जाने के लिए पहले दिन खुद नाव चलाकर तो दूसरे दिन नाव नहीं मिलने से पैदल ही इंद्रावती और भंवरडीह नदी का संगम पार कर गांव पहुंचे और ग्रामीणों में मलेरिया की जांच की और बच्चों को टीकाकरण किया। 


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2BkRsjA
via

Comments