जिले में 13 जून से ही मानसून के सक्रिय होने से रुक रुककर बारिश हो रही थी। बीते साल से इस बार पहले आए मानसून ने 11 दिनों में जिले के पाली व पोड़ी उपरोड़ा ब्लाॅक को छोड़ शेष अन्य ब्लाॅक में अब तक हुई बारिश ने पिछले 10 सालों का रिकार्ड तोड़ दिया है।
अच्छी बारिश होने से जहां शहर के लोग परेशान थे वहीं ग्रामीण अंचल में खेतों में अधिक पानी भरने से किसान खेती कार्य नहीं कर पा रहे थे। बुधवार को मौसम खुलने से लोगों को राहत मिली है। सुबह से ही धूप निकलने के कारण तापमान 4 डिग्री बढ़कर 33 पहुंच गया है। पिछले 11 दिनों से जारी बारिश बुधवार को थम गई। तापमान जहां 29 डिग्री तक पहुंच गया था वह 4 डिग्री बढ़कर 33 पार हो गया है। वहीं न्यूनतम तापमान 25 डिग्री दर्ज हुआ। सुबह से ही तेज धूप निकलने से उमस ने जरूर परेशान किया। लेकिन यह परेशानी अधिक पानी गिरने से बढ़ी समस्या से कहीं कम थी। क्योंकि अधिक बारिश होने से न केवल शहरी क्षेत्र के लोग वरन गांव के लोग भी परेशान थे। निचली बस्तियों में रहने वालों काे भी परेशानी हुई। बारिश में परेशान लोगों को अब राहत मिली है। क्योंकि धूप निकलने से किसान अब अपने खेतों में सक्रिय हो गए हैं।
सड़कों पर उड़ने लगी धूल: बारिश थमने के बाद धूप निकलते ही शहर की सड़कों पर धूल उड़ने लगी। जिससे आवागमन करने वालों को परेशानी हुई। भारी वाहनों के निकलते ही पीछे चल रहे बाइक चालकों को काफी परेशान होना पड़ा। ऐसा लगा जैसे कई दिनों से बारिश ही नहीं हुई है।
अब किसानों ने खेतोंकी ओर किया रुख
करतला ब्लाॅक के ग्राम तराईमार के ग्रामीण जगमोहन सिंह राठिया ने बताया कि अब तक हुई बारिश से खेतों में जरूरत से ज्यादा पानी भर गया था। जिसके कारण वे बोवनी नहीं कर पा रहे थे। दो-तीन दिन मौसम साफ रहा ताे जो किसान बुवाई नहीं कर पाए थे वे कर सकेंगे। राठिया ने बताया कि बुधवार से कृषि कार्य में व्यस्त हो गएं, जो आगे चलकर और भी बढ़ जाएगी।
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