मानसून आ चुका है और मौसम विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार इस हफ्ते अच्छी बारिश का अनुमान है। इधर निगम ने नालों की सफाई अधूरी छोड़ दी है। अफसरों और जनप्रतिनिधियों ने मई के आखिर तक प्रमुख बड़े नालों की सफाई का दावा किया था लेकिन सफाई अधूरी है। नालों के किनारे बड़ी आबादी रहती है, यहां बारिश का पानी हर साल घरों में घुसता है। बाढ़ जैसी हालत हो जाती है। शुक्रवार को भास्कर की टीम ने कुछ नालों का हाल देखा।
मानसून आया लेकिन इन नालों की सफाई अधूरी
- पैठू डबरी आधे से अधिक हिस्से की सफाई बाकी
- मोदी नगर यहां हर साल बारिश में डूबते हैं घर।
- भगवानपुर नाला, आशीर्वादपुरम तक।
- रामभाटा से कार्मेल स्कूल के पीछे तक
- पंजरी प्लांट नाला की सफाई।
- स्टेडियम के पीछे आवासीय कॉलोनी स्थित नाला
- सोनूमुड़ा में पानी निकासी के लिए नाली खुदाई।
जलकुंभी व कचरे से पटा रामभाटा नाला
रामभाटा नाला निगम के महापौर जानकी काटजू के घर से महज 100 मीटर दूर है। नाला जलकुंभी और कचरे के ढेर से पटा पड़ा है। यहां 2011 में एक बच्चा और युवक बह गए थे। बीते साल भी नाले के नजदीक घरों में ढाई फीट तक पानी भर गया था। धनेश्वर चंद्र ने बताया, चुनाव के दौरान 15 दिन में पुल बनवाने का वादा किया गया था, लेकिन सफाई तक नहीं कराई गई है।
इंदिरानगर के लोग भी परेशान
इंदिरानगर में कांदाझोर नाला के भीतरी हिस्सों में निगम ने सफाई नहीं कराई है। बारिश में नाले का जल स्तर बढ़ने से लक्ष्मीपुर, भोलागली में पानी भर जाता है। शुक्रवार को इस नाले में मोहल्ले की कुछ महिला और पुरुष उतरे और खुद निकासी की व्यवस्था की। एक महिला उर्मिला लकड़ा ने बताया कि पोकलेन नहीं घुसने के कारण 10 सालों में कभी सफाई नहीं हुई है।
चिरंजीवदास नगर के नाले में झाड़ी
चिरंजीवदास नगर के बीच से बड़ा नाला होकर गुजरा है। हर साल नाले का पानी कॉलोनी में दो से ढाई फीट तक जमा हो जाता है। इस नाले के दबाव के कारण चिरंजीवदास नगर के पीछे स्थित मोदी नगर विनोबा नगर में भी खतरा बढ़ जाता है। दीना सिदार बताते हैं कि नाले में झाड़ी, घास और कचरा जमा है। सफाई नहीं हुई, नाले में पानी का बहाव प्रभावित होगा।
मेरी प्राथमिकता है नाला
"रामभाटा नाला मेरे वार्ड से होकर गुजरता है, इसकी सफाई और नया पुल मेरी पहली प्राथमिकता में है, लेकिन कोरोना और लॉकडाउन की वजह से समय पर यह काम पूरा नहीं हो सका। इसकी सफाई जल्द कराई जाएगी वार्ड में किसी को कोई परेशानी नहीं होगी।''
-जानकी काटजू, महापौर नगर निगम
सीधी बात
भूपेश सिंह, प्रभारी स्वास्थ्य अधिकारी
सवाल - हर साल परेशानी होती है फिर नालों की सफाई क्यों नहीं कराई?
-संसाधनों के अनुरूप लगातार काम हो रहा है, सुबह ही आयुक्त साहब ने भी निरीक्षण किया है।
सवाल - पुराने आयुक्त ने भी मई तक सफाई के निर्देश दिए थे, अबतक तो काम पूरा हो जाना था?
-50 छोटे बड़े नालों की सफाई अबतक हो चुकी है, पोकलेन नहीं मिलने से कुछ शेष हैं।
सवाल - मानसून आ गया लेकिन 10 बड़े प्रमुख नालों की सफाई नहीं हुई है, कैसे करेंगे?
-एक गैंग नालों की सफाई में जुटा हुआ है, इनकी सफाई भी जल्द होगी।
सवाल - अधूरी सफाई से तेज बारिश में लोगों के घर डूबेंगे, परेशानी के लिए कौन जिम्मेदार होगा?
-हम पूरी मेहनत कर रहे हैं, लेकिन बहुत ज्यादा बारिश हुई तो निश्चित रूप से नुकसान होगा, इसमें कोई कुछ नहीं कर सकता।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2XW27Kh
via
Comments
Post a Comment