राजधानी की बिजली व्यवस्था को दुरूस्त करने के लिए करोड़ों रुपए खर्च हुए। पैसे तो खर्च हो गए, पर व्यवस्था नहीं सुधरी। अांधी-तूफान तो दूर, सामान्य बारिश में भी घंटों बिजली कटी रहती है। गुरुवार को भी तेज हवा और बारिश से कई इलाकों में घंटों अंधेरा रहा। कांके रोड की 10 हजार की आबादी को तो 26 घंटे बाद शुक्रवार की शाम के पांच बजे बिजली मिली। बारिश-आंधी से लिप्टस के विशालकाय चार पेड़ उखड़ गए, जिससे 11 केवी लाइन के 2 बिजली के खंभे और तार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए थे। इसे दुरूस्त करने में 26 घंटे लग गए। सवाल उठता है कि क्या हर बार इतना ही घंटे लगेंगे? बिजली नहीं रहने से पानी की भी दिक्कतें हुईं। रांची में तार काे अंडरग्राउंड करना है। 2019 में झारखंड संपूर्ण बिजली अच्छादन योजना शुरू हुई मगर लॉक डाऊन के कारण पूरी तरह से ठप पड़ गया है। यह पूरी योजना 364 करोड़ की है।
23 घंटे हो रही है बिजली की आपूर्ति
यूजी केबल का काम जून तक होना था। लॉकडाउन से यह बंद है। आंधी में किसका बस चलता है। पेड़ ही गिर जाएं तो इसमें दिक्कतें होंगी ही। इसमें समय लगना लाजिमी है। सामान्य मौसम में 23 घंटे से अधिक की आपूर्ति हो रही है। -पीके श्रीवास्तव, एसई, रांची
एसई ने ईई को दी कड़ी हिदायत; आनेवाले दिनों में इस तरह बिजली नहीं काटी जाए
रांची एसई पीके श्रीवास्तव ने सभी कार्यपालक अभियंताओं को पत्र लिख कर कड़ी हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि आपलोग के प्रयास से ही विपरीत परिस्थिति में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। मगर, आने वाले दिनों में मौसम की मार पड़नी तय है। ऐसे में सुचारू बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए कई बिंदुओं का पालन करना जरूरी है, ताकि निर्बाध बिजली आपूर्ति हो।
- जून महीने से विद्युत आपूर्ति में मौसम की मार तय
- शट डाउन ईई या सहायक विद्युत अभियंता की अनुमति के बिना नहीं
इंजीनियरों को निर्देश
- प्रत्येक सब स्टेशनों में लगे उपकरणों की सूक्ष्मता से रेगुलर इंटरवेल पर जांच सुनिश्चित करें।
- 33 केवी व 11 केवी लाइन का नियमित रूप से पेट्रोलिंग सुनिश्चित करें। योजना बनाकर डालियों की छंटाई करें।
- शहर के ट्रांसफाॅर्मर की जांच नियमित कराएं। ट्रांसफाॅर्मर ओवरलोडेड है, तो उसकी क्षमता बढ़ाएं। शहर में 5-6 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 48 घंटे में ट्रांसफॉर्मर बदलेें।
- पीक आवर लोड यानि कि शाम 6 बजे से रात्रि 11 बजे तक सब स्टेशनों में सहायक एवं कनीय अभियंता की उपस्थिति में मॉनिटरिंग हो।
- रात्रि में जलने वाले मेंटेनेंस गैंग को हर सब स्टेशनों में सारे सुविधा के साथ तैनात किया जाए।
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