एचएमसीएच काे कोविड-19 अस्पताल बनाने का विरोध कुछ शहरवासियों ने किया है। शहर वासियों का कहना है कि सदर अस्पताल सघन जनसंख्या वाला क्षेत्र शहर के बीचोंबीच अवस्थित है, ऐसे में थोड़ी सी भी चूक शहर के लोगों के लिए भारी पड़ सकती है। जिले में लगातार कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है, जो आम लोगों के लिए खतरे की घंटी है। वही प्रवासी मजदूरों को शहर में आने का सिलसिला भी लगातार जारी है। इस संबंध में प्रशासन भी लोगों को हिदायत भी दे रही है। वही वरिष्ठ कांग्रेसी नेता यमुना यादव ने कहा कि करोड़ों रुपए की लागत से बना मेडिकल कॉलेज खाली पड़ा है। यह कॉलेज शहर से भी दूर है। प्रशासन तत्काल कोविड-19 अस्पताल को मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट करें। वही अशोक देव ने कहा कि एचएमसीएच के इर्द-गिर्द रहने वाले लोग भयभीत हैं। कहा कि सदर अस्पताल में पूर्व की तरह सारी सुविधाएं बहाल हो ताकि लोगों को निजी नर्सिंग होम में भटकना ना पड़े। अधिवक्ता रमेश सिंह ने कहा कि सदर अस्पताल में चल रहे विभिन्न डिपार्टमेंट को कल्लू चौक स्थित लाइफलाइन अस्पताल में शिफ्ट किया गया है, जबकि प्रसव विभाग को डेमोटांड़ स्थित श्री निवासन अस्पताल में शिफ्ट किया गया है। जिसकी जरूरत नहीं थी ।नर्सिंग होम की लापरवाही के कारण ही एक मजदूर की मौत भी हो चुकी है। प्रशासन को पूर्व में भी इस संबंध में आगाह किया गया था। उन्होंने कहा कि तत्काल एचएमसीएच में चल रहे कोविड-19 अस्पताल को मेडिकल कॉलेज हजारीबाग में शिफ्ट किया जाए। ताकि आम लोगों को दिक्कत ना हो।
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