लाॅकडाउन के दौरान जहां लोग अपनाें से पिंड छुड़ाने में बाज नहीं आ रहे हैं, वहीं रेलीगढ़ा, प्रेमनगर निवासी सह झामुमो के पंचायत अध्यक्ष बादल पात्रो ने सोनभद्र, उत्तरप्रदेश के एक अंजान युवक को दो माह अपने पास रखा और खिलाया-पिलाया। ऐसे समय में जब काेराेना के भय से काेई उस भटकते युवक की मदद नहीं करना चाहता था, बादल आगे आया। अब परिजनाें के आने पर उसने युवक काे उन्हें साैंप समाज में एक सकारात्मक संदेश दिया है।
बादल की पहल पर लाॅकडाउन के दौरान उत्तरप्रदेश सोनभद्र जिला पारसपानी कोटा ग्रामसभा का दो माह से रेलीगड़ा में फंसे युवक की मां कलावती युवक को लेने पहुंची। रेलीगड़ा में फंसे पुत्र एसके कुमार को सहीं सलामत देख मां के दोनों आंखों से आंसू छलक गए। वहीं मां को देख पुत्र की भी आंखे नम हो गई। युवक मां से लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगा। बाद में बादल पात्रों ने गिद्दी थाना में एक जिम्मेनामा पत्र के साथ युवक एसके कुमार को उनकी मां कलावती व अन्य परिजन को सौप दिया।
पुत्र को सही सलामत सौपने के बाद युवक की मां बादल पात्रों का आभार जताते हुए उनके एहसान कभी नहीं भूलने की बात कही। जबकि बादल पात्रों ने दो माह से युवक को उनके परिजन को सौपने के बाद काफी खुश व आनन्दित महसूस कर रहे थे। बादल ने बताया कि 28 मार्च 2020 को लाॅकडाउन में एक युवक भटककर रेलीगढ़ा पहुंच गया था। उसे अपना नाम एसके कुमार व सोनभद्र, उत्तरप्रदेश का रहने वाला बताया था।
कोरोना के भय से युवक को कोई मदद करने को तैयार नहीं था। अंत में बादल ने उसे अपने साथ अपने घर के एक कमरे में रख, युवक के परिजन को खबर की। युवक के परिजन ने लाॅकडाउल के कारण जल्द आने पर अपनी असमर्थता जताई। जिसके बाद युवक का थर्मल स्क्रीनिंग कराकर अपने घर में रख भोजन भी कराने का काम कर रहा था। शनिवार के युवक की मां कलावती व उसके परिजन को सौप दिया।
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