इटकी स्थित कोरोना टेस्ट लैब ने एक ही सैंपल की तीन दिनों में दाे अलग-अलग रिपोर्ट देकर सिमडेगा जिले की परेशानी बढ़ा दी है। महाराष्ट्र से जलडेगा लौटे दो लोगों का सैंपल 18 मई को लिया गया था। 21 मई को आई रिपोर्ट में दोनों को कोरोना निगेटिव बताया गया। रिपाेर्ट के अाधार पर प्रशासन ने दोनों को सरकारी क्वारेंटाइन सेंटर से होम क्वारेंटाइन कर दिया गया। दाेबारा उसी सैंपल पर 23 मई को रिपोर्ट आई, जिसमें दोनों मरीजाें काे कोरोना पॉजिटिव बता दिया।
रातोंरात दोनों संक्रमितों को सारुबहार और कोनमेरला स्थित उनके घरों से लाकर कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया। इटकी लैब से हुई इस बड़ी चूक काे सिविल सर्जन डॉ. पीके सिन्हा ने मानवीय भूल बताया है। उन्होंने कहा कि गड़बड़ी की जानकारी वरीय अधिकारियों को दी गई है। इधर, संक्रमित लोगों के गांवों को सेनेटाइज किया जा रहा है। जो लोग इनके संपर्क में आए लोगों को आइसोलेसन में लेकर कोरोना टेस्ट कराया जा रहा है।
इटकी लैब के लिए तीन सैंपल भेजे ही नहीं गए और रिपाेर्ट आ गई निगेटिव
टेस्ट लैब में गड़बड़ी का सिमडेगा से जुड़ा दूसरा मामला भी चौंकाने वाला है। जिले से भेजे गए सैंपल में से तीन की किट लीकेज हो गई थी। स्वास्थ्य विभाग के भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार तीन सैंपलाें को भेजा ही नहीं गया। इसकी जानकारी लिस्ट बनाकर इटकी लैब काे दे दी गई थी। लेकिन स्वास्थ्य विभाग उस वक्त हैरान रह गया, जब तीन सैंपल को भेजे बिना ही दो की रिपाेर्ट निगेटिव आ गई और एक की रिपाेर्ट को अंडर प्रोसेस बता दिया गया।
कोलेबिरा के बंदरचुंआ में संक्रमित काे लाने की तैयारी करता रहा प्रशासन, भाई उसे बाइक से पहुंचा गया सेंटर
कोलेबिरा प्रखंड के बन्दरचुआ का रहने वाला कोरोना संक्रमित युवक रविवार की सुबह अपने भाई की बाइक से सिमडेगा रिसीविंग सेंटर पहुंच गया। सूत्रों के अनुसार उसे छोड़ कर भाई घर लौट गया। उक्त संक्रमित की रिपोर्ट शनिवार रात आई थी और रविवार की सुबह उसे गांव से लाने के लिये प्रशासन ने तैयारी कर रखी थी। अब प्रशासन ने गांव में कोरोना संक्रमित के संपर्क में आये परिजनों समेत 43 लोगों को आइसोलेशन में भेजा है।
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