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Jharkhand daily news

कोरोना संक्रमण के दौरान लॉकडाउन के चलते एक व्यक्ति ने पुरानी परंपरा को तोड़ते हुए समाज के लिए अनुकरणीय पहल की है। खजुराहो निवासी रिटायर इंजीनियर सुरेंद्र सिंह ने अपने पिता की मृत्यु के बाद उनकी तेरहवीं व मृत्यु भोज नहीं किया, बल्कि मृत्यु भोज में खर्च होने वाली राशि से पीपीई किट खरीद कर कोरोना वारियर्स डाॅक्टरों को वितरित की और समाज को नया संदेश दिया। रिटायर इंजीनियर सुरेंद्र सिंह के 98 वर्षीय पिता मोती सिंह का बीमारी के चलते राजनगर शासकीय हॉस्पिटल में निधन हो गया था। पिता के स्वर्गवास के बाद उनके पुत्र सुरेंद्र सिंह ने एक नई मिशाल कायम करते हुए अपने पिता की तेरहवीं नहीं की। साथ ही उन्होंने मृत्यु भोज भी नहीं किया। मृत्यु भोज में खर्च होने वाली राशि से उन्होंने पिता की तेरहवीं के दिन 13 पीपीई किटें खरीदी और राजनगर कोविड-19 नोडल अधिकारी डाॅ.विनीत शर्मा और बीएमओ डाॅ. पंकज रस्तोगी से संपर्क किया तथा राजनगर अस्पताल पहुंच कर उन्हें 13 पीपीई किटें प्रदान की। बीएमओ डॉ पंकज रस्तोगी ने यह दान पाकर प्रसन्नता पूर्व सुरेंद्र सिंह को धन्यवाद दिया। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से कामना की।



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After the father's death, 13 PPE kits have been distributed to the doctors for not serving the death.


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