सेन्टर आफ इण्डियाज ट्रेड यूनियन (सीटू) के देशव्यापी आह्वान पर अग्रिम पंक्ति के श्रमिकों की सुरक्षा, बीमा व सम्मान के लिए मांग दिवस विरोध व एकजुटता कार्यक्रम के समर्थन में सभी प्रखंडों में दर्जनों स्थानों पर मांगों से संबंधित पोस्टर लेकर आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका व पोषण सखी और सीटू के पदाधिकारियों व सदस्यों ने प्रदर्शन किया। मौके पर सोशल डिस्पेंसिंग का अनुपालन करते हुए मांगों से संबंधित पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। मौके पर सीटू राज्य कमेटी सदस्य संजय पासवान ने कहा कि देश में कोविड-19 मामले बढ़ रहे हैं। अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं को कोरोना से संक्रमित होने के मामले भी खतरनाक रूप ले रहा हैं। वहीं कई चिकित्सकों की कोरोना से मृत्यु हो गई है और नर्सों व अस्पताल के अन्य कर्मचारियों, सफाई कर्मचारी बड़े पैमाने पर संक्रमित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में लगभग 10 लाख आशा अथवा सहिया, 26 लाख आंगनबाड़ी वर्कर्स, जो क्षेत्र में घर-घर जा रहे हैं, इस बीमारी के सबसे ज्यादा शिकार हो सकते हैं। इनलाेगाें को बिना किसी सुरक्षा उपकरण के सर्वेक्षण व निगरानी के लिए भेजा जाता है। जो न्यायोचित नहीं है। वहीं आंगनबाड़ी संघ की प्रदेश अध्यक्ष मीरा देवी ने कहा कि हरियाणा व पंजाब में 4 आंगनबाड़ी वर्कर्स व 4 आशा वर्कर्स कोरोना संक्रमित पाए गए हैं और कई राज्यों में इन लोगों की मौत भी हो गई है। जिलाध्यक्ष शोभा प्रसाद व जिला सचिव वर्षा रानी ने कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में लगे हुए लोगों के लिए 50 लाख रुपये के बीमा पैकेज की घोषणा की है, लेकिन आंगनबाड़ी वर्कर्स इस योजना के दायरे से बाहर है, जो सौतेला व्यवहार किया गया है। प्रदर्शन में मीना देवी, मंजू मेहता, लीला कुमारी, चिंतामणि देवी, कविता यादव, सोनी, रूबी, रश्मि, रीता पाण्डेय, ममता, सुधा, पुजा सिन्हा, अंजू, बबीता कुमारी, पिंकी, सोनी कुमारी, रेखा, ललिता, लीला, शांति, अफशाना, नेहा सिंह, देवन्ती, मधु देवी, बिन्दु देवी, मंजू देवी,सुदामा देवी, संध्या, बिन्दा, कलावती देवी, शांति देवी रिंकी, रीना देवी सहित सैकड़ों सेविका सहायिका, पोषण सखी शामिल हुई।
सीटू ने उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा : मांग दिवस पर सीटू ने उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन में आंगनबाड़ी कर्मियों, सुपरवाइजर, सीडीपीओ को 50 लाख का सुरक्षा बीमा के दायरे मे लाने, कोविद-19 ड्यूटी में लगे सभी ठेका व योजना श्रमिकों के लिए प्रति माह 25 हजार रुपये का अतिरिक्त प्रोत्साहन भत्ता देने, ड्यूटी पर रहते हुए संक्रमित हुए सभी लोगों के लिए न्यूनतम पांच लाख रुपये का अतिरिक्त मुआवजा देने आदि मांगें शामिल है।
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