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Jharkhand daily news

सदर अस्पताल कोडरमा में जल्द ही मरीजों को किफायती दर पर सिटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध होने लगेगी। विभाग द्वारा एमओयू के आधार पर हेल्थ मैप डायग्नोस्टिक प्राइवेट लिमिटेड द्वारा सीटी स्कैन लगाने का काम युद्ध स्तर पर पूरा किया जा रहा है। तकरीबन दो करोड़ की लागत से अस्पताल में लगाए जा रहे सीटी स्कैन पूरे झारखंड में इकलौता केंद्र होगा जहां एडवांस तकनीक पर आधारित सीटी स्कैन की सुविधा लोगों को उपलब्ध होगी। संस्थान के हेड प्रबंधक सरवर हयात खान ने बताया कि सीटी स्कैन लगाने का कार्य पूरा कर लिया गया है, जिसकी शुरूआत अगले दो-तीन दिन में कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि लगाए जा रहे सीटी स्कैन में कुल 32 स्लाइस है, जो अपने आप में आधुनिक तकनीको पर आधारित है। इसके द्वारा किए जाने वाले मरीजों के सीटी स्कैन का फोटो काफी साफ निकलेगा। फिलहाल यहां मरीजों की ऑनलाइन रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाएगी।

जिसके तहत सीटी स्कैन का स्लाइस संस्था के मुख्य सेंटर मणिपाल भेजा जाएगा। जहां डॉक्टरों की टीम द्वारा इसका डायग्नोस्टिक कर रिपोर्ट भेजा जाएगा। बाद में केंद्र पर ही एमडी, रेडियोलॉजिस्ट चिकित्सक की उपलब्धता संस्था द्वारा सुनिश्चित की जाएगी। मुख्य प्रबंधक खान ने बताया कि सदर अस्पताल में मरीजों का सीटी स्कैन बाजार दर से काफी कम कीमत पर उपलब्ध होगी। वहीं बीपीएल परिवारों को यह सुविधा नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए विभाग से बातचीत चल रही है। उन्होंने बताया कि बाजार में फिलहाल पेट का सीटी स्कैन कराने पर जहां मरीजों को 13 हजार रुपए देने पड़ते है, वहीं सदर अस्पताल में मात्र उन्हें 4500 रुपए देय होगी। वहीं छाती के स्कैन में बाजार दर 7 हजार के विरूद्ध मात्र 1900 रुपए लगेंगे। इसके अलावा ब्रेन का स्कैन बाजार दर 3 हजार की तुलना में मात्र 900 रुपए में उपलब्ध होगी। प्रबंधक ने बताया कि संस्था द्वारा सदर अस्पताल में किफायती दर पर काफी पहले से अल्ट्रासाउंड, ईसीजी व डिजिटल एक्स-रे की सुविधा मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही है।

चतरा में 10-12 घंटे ही बिजली

चतरा | जिले में इन दिनों बिजली की स्थिति चरमरा गई है। शहर में कुछ हद तक बिजली की स्थिति ठीक है, पर प्रखंडों में बुरा हाल। बढ़ती गर्मी और लॉकडाउन में बिजली की अनियमित आपूर्ति के कारण लोग परेशान हैं। लॉकडाउन के कारण लोग घरों में ही रह रहे हैं। ऐसे में बिजली की लचर स्थिति से लोग बेहाल है। इन्हें न तो रात को चैन मिल रहा है और न दिन को। बिजली की इस स्थिति से जिले के लोग विभाग के प्रति नाराज हैं। किसी भी समय लोग सड़क पर उतर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि लॉकडाउन की शुरूआती चरण में यहां बिजली आपूर्ति ठीक ठाक रही। भरपूर मात्रा में बिजली मिलने से लोग काफी खुश थे। लेकिन लोगों की यह खुशी ज्यादा दिनों तक नहीं टीक सकी।यहां फिर पहले जैसा ही बिजली आपूर्ति होने लगी। 24 घंटे में बमुश्किल 10 से 12 घंटे बिजली मिल रही है।यह स्थिति शहर की है। प्रखंडों में इसकी स्थिति और ही खराब है। प्रखंडों में बमुश्किल दो से तीन घंटे ही बिजली आपूर्ति होती है।



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