नोनगांव पंचायत सचिवालय में बने क्वारेंटाइन केंद्र में दोपहर के खाने में कीड़ा निकलने से प्रवासी मजदूरों ने हंगामा किया व खाना खाने से इंकार कर दिया। इसकी शिकायत मुखिया से लेकर आला अधिकारियों से की। पतेतरिया के एक युवक द्वारा उन्हें सत्तू की व्यवस्था की गई। यहां पर हैदराबाद, फरीदाबाद व मुंबई से आए 47 मजदूर रह रहे हैं। मंगलवार को दोपहर में उन्हें भोजन परोसा गया। परंतु भोजन में बड़े-बड़े कीड़ा देख प्रवासी भड़क गए। हंगामा करने लगे। आरोप लगाया कि उन्हें यहां समुचित व्यवस्था नहीं दी जा रही है। यहां बराबर चावल में कुछ ना कुछ निकल जा रहा है। दाल व सब्जी की गुणवत्ता भी ठीक नहीं है। चावल में कीड़ा निकलने के बाद प्रवासी मजदूरों मे खाना फेंक दिया। लोकेश कुमार, दामोदर साव, झमन यादव, विकास दांगी, पप्पू कुमार, प्रमोद कुमार, मेहराज खान, अरमान अंसारी व अन्य ने बताया कि घटिया भोजन की शिकायत कई बार कर चुके हैं परंतु कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। यहां लाइट व बिजली की भी समुचित व्यवस्था नहीं है। पानी का भी संकट है। केंद्र में दो चापाकल खराब है। मोटर खराब रहने से पानी सप्लाई बंद है। फिलहाल एक चापाकल से वे नहाने धोने से पानी पीने का काम चला रहे हैं।
मुखिया सतीश कुमार ने बताया कि नोनगांव में भोजन की व्यवस्था जेएसपीएल के द्वारा कई जा रही है। गुणवत्ता को सुधारने के लिए कई बार वे बोल चुके हैं। महिला सदस्यों का कहना है कि मात्र 60 रूपये में तीनों टाइम भोजन बनाने के लिए पर्याप्त नहीं है। बीडीओ मोनी कुमारी ने बताया कि प्रवासी मजदूरों की शिकायत पर कार्रवाई की जाएगी।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3g5GgXZ
via IFTTT
Comments
Post a Comment