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Jharkhand daily news

रमजान के पाक महीने में खुदा की सच्ची इबादत का तरीका गुरुवार रात यहां के गांव गोहा में सामने आया। जब गांव के सरपंच रज्जाक खान ने भूख से बिलखते बच्चों और महिलाओं के साथ पैदल मध्यप्रदेश लौट रहे 40 मजदूरों के लिए रात को घर में ही खाना-दूध तैयार कराया। ग्रामीणों की मदद से उन्हें गांव के स्कूल में ठहराया और फिर सुबह दो वक्त का भोजन पैक करा सफर पर रवाना किया। दरअसल मध्यप्रदेश के ये सभी मजदूर रेवाड़ी से अपने गांवों को लौट रहे थे। रामगढ़ पहुंचे तब तक रात हो चुकी थी।

कोई दुकान भी नहीं खुली थी। बच्चे भूख से बिलख रहे थे, लेकिन तंगहाल मजदूरों के पास ना रुपए थे ना ठहरने का वक्त। ये परिवार बढ़ते हुए गोहा गांव में पिपरोली सरपंच रज्जाक खान के घर के आगे से गुजरे तो एकसाथ इतने लोगों को देख उन्होंने पूछताछ की। पता चला कि सभी लोग मजदूर हैं। मप्र जा रहे हैं। सरपंच रज्जाक ने भूख से बिलखते 8 मासूमों को देखा तो रहा ना गया। महिलाएं भी साथ थी। उन्होंने रात को सफर ना करने की बात कह उनसे वहीं रुकने का आग्रह किया। फिर गांव के अन्य लोगों को मौके पर बुलाया। सभी के सहयोग से गांव के एक स्कूल में मजदूर परिवारों को ठहराने की व्यवस्था की। उधर, गांव की महिलाअाें की मदद से घर में ही बच्चाें के लिए दूध व भाेजन तैयार करवाया गया। यह देख मजदूर परिवारों की आंखें छलछला आईं। सभी ने ग्रामीणों और सरपंच का आभार जताकर विश्राम किया।



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Sarpanch Razzaq became helpful for the children of laborers starving, starving and feeding 40 people at home in the night


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