लॉकडाउन में ढील से गांव अाैर कस्बाें में सभी दुकानें खुलने लगी है, लेकिन इसमें साप्ताहिक बाजारों पर प्रतिबंध जारी है। दंतेवाड़ा जिले के चाराें ब्लॉक में कटेकल्याण और कुआकोंडा के 50 से अधिक गांव ऐसे हैं जिनकी दूरी ब्लाक मुख्यालयों से 50 से 60 किलोमीटर है। इन ग्रामीणों को किराना अौर मेडिकल सुविधा के लिए भी इतनी ही दूरी तय करनी पड़ती है।
कुआकोंडा के बुरगुम, पोटाली, नहाड़ी, रेवाली, निलावाया, अरनपुर जैसे 20 से अधिक गांव के लोग जरूरत की सामान की पूर्ति पोटाली में लगने वाले बुधवार के साप्ताहिक बाजार से करते थे। अब इन गांवों के लोगों को सरकारी चावल तो मिल रहा है। लेकिन कपड़े, बर्तन और जरूरत का सामान लेने पैदल ही लगभग 25 किमी दूर पालनार या नकुलनार तक जाना पड़ा रहा है। इसमें पूरा दिनगुजर जाता है।
कटेकल्याण तकआते हैं पैदल
कटेकल्याण के आसपास के 20 से अधिक गांव के लोग अपनी जरूरत पूरा करने पैदल कटेकल्याण आने मजबूर हो रहे हैं। गांव में लगने वाले बाजार बंद हैं। कटेकल्याण में ही शुक्रवार काे पेड़ के नीचे आराम कर रहीं कोडरीपाल, कलेपाल की महिलाओ ने बताया कि सामान खरीदने गांव से सुबह निकले थे। अब धूप थोड़ी कम होगी तब अपने गांव लौटेंगी। तहसीलदार विद्याभूषण साव ने बताया कि व्यापारी साप्ताहिक बाजारों में पहुंच भीड़ एकत्र करते हैं, जिससे सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन होता है खाली दिनों में गांवो में जाने के बारे में अधिकारियों से बात करेंगे।
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