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चकमक व सजग प्लेटफाॅर्म से आंगनबाड़ी बच्चों को ऑडियो-वीडियो से पढ़ा रहीं

चकमक और सजग अभियान के डिजिटल प्लेटफार्म से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आॅडियो-वीडियो क्लिपिंग से बच्चों को घर में ही मनोरंजन के साथ मानसिक एवं बौद्धिक विकास कर रही हैं।
लॉकडाउन में आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों का आना-जाना बंद है। इसके चलते महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग से इस कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है। चकमक अभियान बच्चों के लिए अभिव्यक्ति का एक महत्वपूर्ण मंच है। जिससे बच्चों को रचनात्मक तरीके से खुद को व्यक्त करने का अवसर मिला है। बच्चों को घर में परिवार के सदस्यों के साथ मनोरंजन करने और परिवार के साथ खुशी साझा करने का अवसर मिलता है। चकमक अभियान के तहत साप्ताहिक कार्यक्रम तय किए गए हैं। इसके साथ ही वे बच्चों घर जाकर वीडियो के माध्यम से विभिन्न प्रकार की गतिविधि संचालित कर रही है। जिले में सभी कार्यकर्ताओं के द्वारा अभिभावकों का वाट्सएप ग्रुप बनाया गया है। जिसके माध्यम से डिजिटल सामग्री वीडियो क्लिप्स अभिभावकों को साझा कर सीधे बच्चों तक पहुंचाई जा रही हैं। सजग ऑडियो कार्यक्रम की पहली कड़ी में अपनी कहानी, दूसरी कड़ी में बेचैनी, तीसरी कड़ी अनचाहा व्यवहार और चौथी कड़ी गुड़िया का समय प्रेषित किया गया।
मानसिक विकास की दिशा में आवश्यक कदम
जिला कार्यक्रम अधिकारी ज्योति मिंज ने बताया कि लॉकडाउन में विभिन्न तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से महिला एवं बाल विकास विभाग बच्चों की शिक्षा एवं स्वास्थ्य के प्रति सजग है। विभिन्न प्रकार की गतिविधियों के संचालन से बच्चों के बौद्धिक एवं मानसिक विकास की दिशा में आवश्यक कदम उठा रहे हैं।



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