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घर-घर गूंजे देशभक्ति के गीत, ढोलक की थाप पर मिले गिटार-कैसियो के सुर

प्रदेश में दो महीने से चल रहे लॉक डाउन ने लोगों को तनाव में ला दिया है। इससे उबरने के लोग नए-नए तरीके ढूंढ रहे हैं और घरों में कुछ खास कर रहे हैं। आरएसएस ने भी इसमें कुछ नया ढूंढ लिया। उसने ऑनलाइन देशभक्ति गीत-संगीत प्रतियोगिता कराई। दो कैटेगरी में समूह व एकल गान में। इसमें तीन साल के बच्चे से लेकर 90 साल के वृद्ध भी शामिल हुए। फिर घर-घर में गूंजे देश की शान में गान। इसमें कुल 65 परिवाराें ने हिस्सा लिया।
इसके विजेताओं का चयन भी किया गया। महानगर रायपुर के इस आयोजन में लोगों की प्रतिभा भी सामने आई। सुर-ताल के वरदान प्राप्त लोगों ने प्रस्तुति दी। किसी ने खंजरी बजाई तो किसी ने हारमोनियम, तबला व ढोलक। आधुनिक वाद्य यंत्रों में गिटार, कैशियो, आर्गन पर भी स्वर लहरिया छेड़ी गई। पूर्व विधायक रजनी ताई उपासने भी अपने परिवार के साथ समूह गान स्पर्धा में ... ये शरीर है मेरे देश के लिए..गाती देखी गईं। एक परिवार ने संस्कृत में भी गीत गाया। मालूम हो कि संघ की शाखाएं जून तक बंद हैं। उसे नए रूप में कौटुंबिक रूप में चलाया जा रहा है।
एक नजर में नतीजे

  • कुल प्रतिभागी परिवार -65
  • अति उत्तम श्रेणी प्राप्त परिवार -06
  • उत्तम श्रेणी प्राप्त परिवार -22
  • सामान्य श्रेणी प्राप्त परिवार -37


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Guitar-cassio notes found on the beat of Dholak, a patriotic song echoed from house to house


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