तकरीबन एक हफ्ते से भीषण गर्मी से पूरी राजधानी हलाकान है। नौतपे में गर्मी पड़ती है लेकिन अक्सर शाम को अंधड़-बौछारों से राहत मिल जाती है, लेकिन पिछले 6 दिन से आसमान रात तक जैसे आग बरसा रहा है। दरअसल मानसून के बादल 17 मई से बंगाल की खाड़ी में एक ही जगह अटक गए हैं। इस वजह से बारिश चार-पांच दिन लेट हुई और इसके साथ प्री-मानसून बौछारों में भी देरी है। लेकिन मंगलवार को मौसम विभाग से राहत की खबर ये आई है कि बुधवार को सुबह से कुछ नमी आने लगेगी जो गुरुवार तक रहेगी। इससे गर्मी से राहत मिल सकती है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मंगलवार को दक्षिण छत्तीसगढ़ से तमिलनाडु तक एक द्रोणिका बन गई है। इससे रेगिस्तान की ओर से आरही गर्म हवा रुकेगी और खाड़ी की तरफ से हवा आने लगेगी। अभी राजधानी में तापमान लगातार 45 डिग्री के आसपास है। नए बदलाव से तापमान 42-43 डिग्री के आसपास पहुंच जाएगा। इससे बहुत ज्यादा राहत तो नहीं मिलेगी, लेकिन लू से थोड़ी बचत हो जाएगी।
47 डिग्री तक पहुंचा है तापमान : राजधानी में पिछले दस सालों में मई में तापमान अधिकतम करीब 47 डिग्री पहुंच चुका है। 2013 में तापमान सर्वाधिक 46.6 डिग्री रिकार्ड किया गया। 2012 में 46.3 तथा 2015 में 46.2 डिग्री तक पहुंचा है। संभावना है कि इस साल भी मई में तापमान 47 डिग्री तक पहुंच सकता है।
प्री-मानसून बौछारें 10 जून से : राजधानी में 4 दिन से लू चल रही है। गर्मी तभी कम होगी जब मानसून सक्रिय होगा। इस साल मानसून के 10 जून तक बस्तर और 16 तक रायपुर पहुंचने की संभावना थी, जिसमें 4 दिन की देरी है। प्री-मानसून बौछारें भी 10 जून के आसपास से पड़ेंगी।
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