कोरोना वायरस की दहशत हर किसी में इस कदर घर कर गई है कि सभी इससे बचाव के इंतजाम में लगे हैैं। अभी तक इसकी कोई दवा न होने से डॉक्टर भी यही सुझाव दे रहे हैं कि शरीर की इम्युनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) मजबूत रहेगी तो किसी भी तरह के संक्रमण से बचे रहेंगे। ऐसे में हर कोई शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने में मददगार दवाओं की खोज में ऐसा लगा कि इसकी डिमांड अधिक बढ़ गई। दो महीने पहले जहां रोग प्रतिरोधक क्षमता वाली दवाओं की बिक्री करीब 15 फीसदी होती थी तो वहीं अब इन दवाओं की मांग 50 फीसदी से ज्यादा हो गई है। इसके अलावा आयुष विभाग भी लोगों को इन दवाओं के उपयोग को लेकर जागरूक करने में लगा हुआ है।
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि लोगों को जागरूक करने के लिए बुधवार से डोर टू डोर अभियान चलाया जाएगा। जिसमें लोगों को काढ़ा पिलाने के साथ कुछ दवाएं दी जाएंगी। इस काम में कोई परेशानी न हो इसलिए आयुष विभाग के अधिकारियों ने करीब 40 से अधिक कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया है जिसमें 25 तो केवल फार्मासिस्ट हैं।
जिला आयुर्वेद अधिकारी जेआर नेताम ने बताया कि आयुष मंत्रालय से जारी आदेश के तहत लोगों को कोरोना वायरस से बचाव के लिए लोगों के शरीर में इस वायरस से लड़ने रोग प्रतिरोधक क्षमता बनी रहे इसलिए यह काम किया जा रहा है। अभियान के तहत जिस व्यक्ति के पास मोबाइल होगा उसे आरोग्य एप को डाउनलोड करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अलावा हर घर में पंफलेट चस्पा किया जाएगा।
शरीर की इम्युनिटी कमजोर पड़ी तो खतरा
कोरोना वायरस को लेकर हो रहे शोधों में यह बात तो स्पष्ट हो चुकी है कि यदि शरीर की इम्युनिटी कमजोर पड़ी तो इसके चपेट में आने का खतरा अधिक बढ़ जाता है। अभी पिछले दिनों आयुष मंत्रालय ने भी कुछ आयुर्वेद की दवाओं की सूची सभी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेजों को भेजी है जो कोरोना से लड़ने की क्षमता रखती हैं। इसमें लक्ष्मीविलास रस, महासुदर्शन चूर्ण व महा सुदर्शन घनवटी, गिलोय घनवटी, संजीवनी वटी, त्रिकटु चूर्ण आदि को सर्वोत्तम बताया गया है। व्यापारी संतोष जैन ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से बस्तर जिल में गिलोय का जूस, गिलोय घनवटी, गिलोय वटी और त्रिकुट चूर्ण के साथ ही तुलसी ड्राप की मांग ज्यादा हो गई है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा गिलोय की मांग सबसे अधिक हो गई है।
संक्रमण को रोकती है मजबूत इम्युनिटी खाने में हल्दी, धनिया, जीरा, लहसुन डालें
आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. राजेश कुमार भार्गव ने बताया कि हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहती है तो कोई भी संक्रमण शरीर के अंदर प्रवेश नहीं कर सकता है। कोरोना खतरनाक वायरस है लेकिन उससे लड़ने के लिए आयुर्वेद की दवाएं अत्यंत लाभकारी है। आयुष मंत्रालय की ओर से भी इसकी पुष्टि की गई है। उन्होंने कहा कि जिन व्यक्तियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो वे प्रतिदिन 10 ग्राम च्वयनप्राश का सेवन करें। आयुर्वेद काढ़ा तुलसी, दालचीनी, कालीमिर्च शुणठी और मुनक्का का गुड़ मिलाकर सुबह-शाम सेवन करें। इसके अलावा हल्दी पाउडर 1/2 चम्मच गर्म दूध में मिलाकर (गोल्डन मिल्क) सुबह-शाम सेवन करें। इसके अलावा सीसम तेल, नारियल तेल, घी की दो दो बूंदें दोनों नाक में सुबह शाम डालें। यदि किसी व्यक्ति को सूखी खांसी आ रही है तो ताज़ी पोदीना की पत्ती एवं अजवाइन की भाप लेना चाहिए इन साधारण उपाय से बचाव किया जा सकता है।
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