Skip to main content

धान का रकबा घटाया, दलहन-तिलहन को बढ़ावा

बढ़े हुए समर्थन मूल्य पर किसानों का धान खरीदना काफी चुनौती भरा हाेने से सरकार अब इसका ताेड़ निकालने में जुटी हुई है। घाटा कम करने और आने वाले साल यह परेशानी न झेलना पड़े इसलिए सरकार ने धान की खेती के रकबे को कम कर दलहन- और तिलहन की खेती के रकबे को बढ़ा दिया है। इस सरकारी फरमान को पूरा करने कृषि विभाग के अफसरों ने कवायद शुरू कर दी है।
पिछले साल बस्तर जिले में धान की खेती के लिए सरकार ने 1 लाख 10 हजार हेक्टेयर का लक्ष्य दिया था, जबकि इस साल इस रकबे में कमी करते हुए 1 लाख 6 हजार हेक्टेयर कर दिया है। कृषि विभाग के कुछ अधिकारियों ने कहा कि धान का कटोरा कहलाने वाले छत्तीसगढ़ में धान का मसला सियासत सत्ता तक पहुंचने में अहम भूमिका निभाती रही है। 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली सफलता में किसानों की कर्ज माफी और समर्थन मूल्य को 1800 से बढ़ाकर 2500 रुपए करने का चुनावी वादे की प्रमुख भूमिका रही। वादे को कांग्रेस ने पूरा भी किया, लेकिन सरकार का यही वादा अब सरकार के लिए गले की हड्डी साबित हो रहा है। केन्द्रीय पुल में धान बेचने के बाद राज्य सरकार के पास अब भी बड़े पैमाने पर धान पड़ा हुआ है। इससे किस तरह निपटा जाए, यह सरकार के रणनीतिकारों की समझ में ही नहीं आ रहा है। इस तरह की स्थिति से छुटकारा पाने के लिए आगामी खरीफ वर्ष के लिए सरकार ने अपने कृषि नीति में बड़ा बदलाव करते हुए धान के रकबे में कमी कर दी है।
पिछले साल लक्ष्य से अधिक की थी मक्के की खेती
बस्तर के किसान अब नए रिकार्ड बना रहे हैं। अलग-अलग फसलों की खेती को लेकर अब रुचि दिखाने लगे हैं। पिछले साल मक्के की खेती 27 हजार, तिलहन की खेती 9877 और दलहन की खेती 16 हजार 461 हेक्टेयर में हुई थी, जो लक्ष्य से अधिक थी।
दलहन, तिलहन की बुआई करने प्रेरित करेंगे
किसानों को धान की जगह दलहन- तिलहन और मक्का की खेती करने की सलाह दे रहे हैं। साथ ही जिले के टिकरा जमीन पर धान बाेने वाले किसानों को दलहन, तिलहन और मक्का की बुआई करने प्रेरित करेंगे। पिछले साल बस्तर जिले में धान की खेती 1 लाख 11 हजार 940 हेक्टेयर में की गई थी, जो लक्ष्य से ज्यादा थी। कृषि विभाग के उपसंचालक विकास मिश्रा ने कहा कि सरकार से जारी आदेश के तहत धान के रकबे को कम कर दलहन और मक्का के साथ ही तिलहन की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा।
बाफना ने कहा- सरकार का निर्णय किसान विरोधी
भाजपा नेता संतोष बाफना ने कहा कि सरकार का यह निर्णय किसान विरोधी है। रकबा कम किए जाने से हर किसान को बीज और खाद नहीं मिल पाएगा। बस्तर के किसान सालों से बड़े पैमाने पर धान की खेती करते आ रहे हैं। सरकार के इस निर्णय का विरोध किया जाएगा।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2LmTWQr
via

Comments