रामानुजगंज नगर में एक युवक के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद उस इलाके को कंटेनमेंट घोषित करते हुए सील कर दिया गया है। यहां आने-जाने पर रोक लगा दी गई, लेकिन जरूरी सेवाओं के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
प्रशासन की ओर से हेल्प लाइन नंबर जारी किया गया है, लेकिन इस पर कॉल करने पर कोई रिसीव नहीं करता। हालत यह है कि लोग दवा, दूध, राशन, सब्जी के लिए परेशान हो रहे हैं। कई लोग हार्ट और शुगर के मरीज हैं और दवा नहीं मिलने से परेशान हैं। वार्ड क्रमांक 2 में होम आइसोलेशन में रह रहा युवक कोरोना पॉजिटिव निकला है।
युवक की जांच रिपोर्ट आने के बाद उस एरिया के अलावा वार्ड क्रमांक 4 व 9 के कुछ एरिया को सील किया गया है। वाड्रफनगर रोड, जेल रोड में बैरिकेडिंग कराई गई है। कंटेनमेंट जोन एरिया से बाहर निकलने वाली सड़कों को बंद कर दिया गया है। वहीं घरों के पीछे के दरवाजे में ताले लगा दिए गए हैं। वार्ड वासियों ने आरोप लगाया कि हमें घरों में तो कैद कर दिया गया है, परंतु जरूरी सेवाएं नहीं मिल रही हैं। हेल्प लाइन नंबर पर कॉल करने पर कोई रिसीव नहीं करता।
तीन किमी घूमकर जाना पड़ रहा अस्पताल
वार्ड क्रमांक 2 को कंटेनमेंट जोन घोषित किए जाने के बाद कंटेनमेंट जोन में रहे लोगों को जहां परेशानी हो रही है। वहीं पूरे नगर के लोग भी परेशान हो रहे हैं। शहर का एक मात्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र वार्ड नं एक में है। लोगों को यहां पहुंचने के लिए 3 किलोमीटर अतिरिक्त घूमकर जाना पड़ रहा है।
रिपोर्ट आने से पहले संदिग्ध को छोड़ा, इसलिए परेशानी
अधिवक्ता जेपी गुप्ता ने कहा कि कोरोना पॉजिटिव आए युवक को यहां के एक धर्मशाला में क्वारेंटाइन किया गया था परंतु जांच रिपोर्ट आने से पहले ही उसे छोड़ दिया गया। इसके बाद वह वह अपने घर आया था। यदि रिपोर्ट आने से पहले तक उसे क्वारेंटाइन रखा जाता तो ऐसी परेशानी सबको नहीं उठानी पड़ती।
कंटेनमेंट जोन में हैं मेडिकल की दुकानें
भाजपा नेता अरुण केसरी ने कहा कि कंटेनमेंट जोन तो घोषित कर दिया गया, लेकिन इसी कंटेनमेंट जोन में मेडिकल की दुकान है। जहां लोगों को दवाइयां मिलती थीं। कई दवाइयां नगर में अन्य मेडिकल दुकानों में नहीं मिलती हैं। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष अभिषेक सिंह ने कहा है कि प्रशासन को ध्यान रखना चाहिए।
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