लाॅकडाउन 4.0 में राजधानी की लगभग सभी दुकानें खुल गईं, लेकिन लेफ्ट-राइट और हफ्ते के दिन तय होने से रोजाना बाजारों में एक-तिहाई दुकानें ही खुल रही हैं। ज्यादातर दुकानें और शोरूम ऐसे हैं, जो महीने में दिन और लाइन के हिसाब से 64 घंटे का ही कारोबार कर पाएंगे। इसके बावजूद शहर के व्यस्त बाजारों जैसे गोलबाजार, बंजारी रोड और एमजी रोड पर कम दुकानें खुलने के बावजूद दर्जनों मालवाहनों से पूरा दिन इतनी भारी तादाद में लोडिंग-अनलोडिंग हो रही है कि पूरा ट्रैफिक सिस्टम ध्वस्त हो गया है। बंजारी रोड और एमजी रोड में भले ही एक लाइन की दुकानें खुल रही हैं, लेकिन सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक ट्रैफिक के हालात इतने खराब हो गए हैं कि पैदल निकलना मुश्किल हो गया है। प्रशासन ने लोडिंग-अनलोडिंग के लिए शाम से रात तक का समय तय कर रखा है। इसके बावजूद, सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक सैकड़ों छोटे मालवाहन बाजारों में नजर आने लगे हैं। संकरे बाजारों में दोनों ओर ऐसे वाहनों की लाइन लग रही है और धड़ल्ले से लोडिंग-अनलोडिंग हो रही है। इस वजह से लोगों के लिए सड़क पर बमुश्किल 8-10 फीट की जगह ही बच पा रही है।इसमें भी अगर एक कार आगई तो बाइक वालों का निकलना भी मुश्किल हो रहा है। इस वजह से लगभग सभी बाजारों में विवाद भी शुरू हो गए हैं।
लेफ्ट-राइट और टाइमिंग पर जगह-जगह विवाद
पंडरी बस स्टैंड के सामने एक बड़े कांप्लेक्स में दुकानें खोलने पर कारोबारियों में बहस इतनी बढ़ी कि पुलिस और निगम का अमला मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने कहा कि लेफ्ट-राइट सिस्टम के साथ केवल 40 फीसदी ही दुकानें खुलनी चाहिए। कारोबारियों अड़ गए कि दुकानें इसी सिस्टम से खुली हैं, लेकिन अंतत: पुलिस ने दबाव बनाकर अतिरिक्त दुकानें बंद करवाईं। इसी तरह, शहर की सबसे बड़ी लेकिन करीब दो माह से बंद शास्त्री बाजार सब्जी मंडी में बुधवार को सुबह बड़ी संख्या में चिल्हर सब्जी वाले बेरीकेड्स हटाकर घुसने लगे। इस दौरान वे पुलिस से भी भिड़ गए। सूचना मिलने पर निगम के अफसर भी पहुंचे और समझाया कि बाजार बंद है। लेकिन सब्जीवाले अड़ गए। कुछ देर बाद पुलिस ने सबको खदेड़ दिया। इधर, कटोरा तालाब के दो व्यापारी दुकानें खोलने के विवाद पर थाने पहुंच गए।
कई कारोबारियों ने ज्यादा समय मांगा
पंडरी थोक कपड़ा बाजार एसोसिएशन, ऑटोमोबाइल डीलर्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल एसोसिएशन ने अपने बाजारों को हफ्ते में 5 दिन खोलने की मांग कर दी है। उनका तर्क है कि इन शोरूम्स में चुनिंदा कस्टमर आते हैं, इसलिए सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन कर सकते हैं। कारोबारियों के अनुसार कई दुकानें हफ्ते में सिर्फ दो दिन खुल रही हैं, इससे किराया नहीं निकल रहा है।इसलिए इनका समय बढ़ाया जाना चाहिए। इसी तरह, छत्तीसगढ़ मोबाइल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश वासवानी ने बताया कि मोबाइल दुकानें हफ्ते में केवल 2 दिन खुल रही हैं। इसमें दुकानों का किराया और लोन की किश्त नहीं निकलेगी। इसलिए उन्हें भी हफ्ते में 5 दिन की अनुमति दी जाए।
"बाजारों को खोलने के लिए ही व्यवस्था बनाई है। क्या बदलाव हो सकते हैं, इसके लिए शासन से गाइडलाइन मांगेंगे।"
-डा. एस भारतीदासन, कलेक्टर रायपुर
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