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जिससे बचने मुंबई से गांव लौटे, उसी कोरोना को साथ लाए दो मजदूर, लैलूंगा में थे तीन दिन से क्वारेंटाइन

लॉकडाउन-4.0 के पहले दिन सोमवार को जिले में दो कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले। मरीज लैलूंगा क्षेत्र के तोलमा और सोनाजोरी के हैं। वे मुंबई में एक टायर फैक्ट्री में काम करते थे। तीन दिन पहले गांव लौटने पर क्वारेंटाइन सेंटर्स में रखे गए थे। रविवार को इन दोनों श्रमिकों के आरटीपीसीआर सैंपल लिए गए थे। दोनों मरीजों को एमसीएच के कोविड-19 अस्पताल लाया गया है। तोलमा और सोनाजोरी को सील कर दिया गया है। मंगलवार से लैलूंगा पूरी तरह बंद रहेगा। रायगढ़ से स्वास्थ्य कर्मियों की टीम भेजी गई है।
भास्कर को मिली जानकारी के मुताबिक इन दो मरीजों समेत तीन लोग रायगढ़ से लैलूंगा में अपने गांवों तक पिकअप से पहुंचे थे। मुंबई से रायगढ़ तक ये किसी ट्रक के जरिए आए थे। सोनाजोरी के स्कूल में बने क्वारेंटाइन सेंटर में 23 लोग हैं। दूसरे दिन स्वास्थ्य केंद्र से पहंुची टीम ने दोनों का स्वाब लेकर पीसीआर टेस्ट के लिए रायगढ़ मेडिकल कॉलेज भेजा था। सोमवार रात 8 बजे के करीब मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के डाॅ. राकेश कुमार ने दो कोरोना पॉजिटिव मरीजों की जानकारी प्रशासन को दी।
क्वारेंटाइन सेंटर में लापरवाही महंगी पड़ सकती है
जिले में अब लोग चिंतित हैं। सोनाजोरी के जिस स्कूल में मरीज को क्वारेंटाइन किया गया था वहां व्यवस्था अच्छी नहीं थी। इस मरीज से परिवार और गांव के लोग मिलते थे। कई बार तो यह बाहर भी निकला। ऐसे में आशंका है कि इससे मिलने वाले भी कोरोना संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग का सिरदर्द बढ़ गया, दोनों गांव के लोगों की स्क्रीनिंग करनी पड़ेगी। जिले के ग्रामीण इलाकों में बने क्वारेंटाइन या आइसोलेशन सेंटरों में सुरक्षा भगवान भरोसे है। क्वारेंटाइन सेंटर में स्टाफ गांव के ही होते हैं इसलिए यहां आइसोलेट किए गए लोगों को रोकटोक नहीं होती, कोई भी मिल लेता है। दिन में क्वारेंटाइन किए गए लोग साथ बैठते-घूमते हैं।
दोनों गांव कंटेनमेंट घोषित, संपर्क में आए लोगों की जांच
एसपी संतोष सिंह ने बताया कि पुलिस ने दोनों गांव सील कर दिए हैं। यहां पहुंचने या निकलने के रास्ते बंद कर दिए गए हैं। सीएमएचओ डाॅ. एसएन केशरी ने कहा, जिस क्वारेंटाइन सेंटर में संक्रमित मरीज थे। उस क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया गया है। इसके साथ ही प्राइमरी और सेकेंडरी कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग की जा रही है। मतलब इन दोनों से सीधे मिलने वालों को ढूंढा जा रहा है और साथ ही उन लोगों का भी पता लगाया जाएगा जो इनसे मिलने वाले लोगों से मिले। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन यह भी पता लगा रहा है कि इन लोगों के साथ जिले के दूसरे गांवों मंतो कोई नहीं लौटा? रायगढ़ में रिपोर्ट का पता चलते ही लैलूंगा तहसीलदार को मौके पर भेजा गया था।
एमसीएच में देर रात हुई मरीजों की शिफ्टिंग
दोनों कोरोना पॉजिटिव मरीजों को एमसीएच में शिफ्ट किया जा रह है। लैलूंगा क्वारेंटाइन सेंटर से मरीजों की शिफ्टिंग के लिए रायगढ़ से स्वास्थ्य विभाग की टीम को भेजा गया। कोविड-19 के प्रभारी डाॅ. वेद प्रकाश गिल्ले ने बताया कि मरीज की शिफ्टिंग और उपचार को लेकर विशेष टीम गठित कर दी गई है। टीमें सावधानी के साथ मरीजों की देखरेख करेंगी। इसके लिए एडवाइजरी जारी कर सभी को अलर्ट किया गया है।
आईसीएमआर को भी दी गई मरीजों की जानकारी
मेडिकल कॉलेज के डाॅ. राकेश कुमार ने बताया कि राज्य स्तर पर आईडीएसपी को सबसे पहले रिपोर्ट की गई है। आईसीएमआर को भी रिपोर्ट भेजी गई है। संक्रमित लोगों को एमसीएमच में 14 दिन क्वारेंटाइन किया जाएगा। जिसके बाद 10वें दिन दोबारा जांच कराई जाएगी। दो बार जांच रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही मरीज को स्वस्थ मानकर अस्पताल से डिस्चार्ज किया जाएगा।



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दिन में संदिग्धों की चहल-पहल वाला सोनाजोरी का क्वारेंटाइन सेंटर मरीज मिलने पर सील किया


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