कलेक्टर सुनील कुमार जैन ने शनिवार को पलारी तहसील के ग्राम अमेरा के हाई स्कूल में बने क्वारेंटाइन सेन्टर का निरीक्षण किया। उन्होंने क्वारेंटाइन में रह रहे कुछ मजदूरों एवं स्थानीय कर्मचारियों से चर्चा कर सेन्टर की सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि सेंटरों में बाहर में बना खाना लाकर परोसा नहीं जायेगा। उन्हें सेन्टर में ही भोजन बनाना होगा।
इसके अलावा ग्राम पंचायत मौके पर ही ताजा भोजन बनाकर मुहैया करायेगी। इस अवसर पर एडीएम जोगेन्द्र नायक, जिला पंचायत की सीईओ डाॅ. फरिहा आलम सिद्धिकी, एसडीएम सुश्री लवीना पाण्डेय, सीएमएचओ डाॅ. खेमराज सोनवानी सहित वरिष्ठ अफसर उपस्थित थे। कलेक्टर जैन शनिवार को अमेरा बस्ती से दूर हाई स्कूल भवन में बनाये गये क्वारेंटाइन सेन्टर का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि संक्रमण की संभावना के मद्देनजर सेंटरों में गांव अथवा बाहर से बनाकर लाये जा रहे भोजन परोसे नहीं जाएंगे। सबका भोजन इन सेंटरों में ही बनेगा। उन्हें चावल सहित साग-सब्जी, दाल मशाला, हल्दी, नमक एवं तेल भी पंचायत मुहैया कराएगा। चौदहवें वित्त आयोग अथवा मूलभूत की राशि का उपयोग इस कार्य के लिये किया जा सकता है। कलेक्टर ने मजदूरों को सेन्टर में पत्तों से बनी पतरी एवं दोना का उपयोग करने के निर्देश दिये ताकि आसानी से उन्होंने अलग-अलग तिथियोें में आ रहे मजदूरों को अलग-अलग भवन में ठहराने के निर्देश दिए। सचिवएवं ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक ने बताया कि क्वारेंटाइन सेन्टर में एक समय में 280 प्रवासी मजदूर ठहराए गए थे।फिलहाल 134 मजदूर हैं। शेष लोगों की क्वारेंटाइन अवधि पूरा होने पर उनकी स्वास्थ्य जांच के उपरांत उन्हें छुट्टी दे दी गई। कलेक्टर ने सेन्टर के लिए नियुक्त जोनल अधिकारी सहित स्थानीय कर्मचारियों को इन सेंटरों की नियमित मॉनीटरिंग करते रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सेंटरों में बुनियादी सुविधाओं की कमी नहीं होनी चाहिये। जनपद पंचायत के सीईओ इसके लिए जिम्मेदार होंगे।
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