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जीरो अंक से बेचैन निगम ने कचरा प्रोसेसिंग प्लांट के लिए मचाई धमाचौकड़ी

कचरामुक्त शहर के मामले में जीरो नंबर मिलने से घबराए नगर निगम के अफसरों ने शहर की हालत सुधारने के लिए बुधवार को धमाचौकड़ी शुरू कर दी। पिछले तीन माह से नगर निगम सफाई के बजाय सेनिटाइजेशन और लगभग एक माह से दुकानों की जांच पर ही पूरी तरह फोकस हो गया था। इस वजह से शहर में गंदगी बुरी तरह पसर गई है। इसी को ठीक करने के लिए सबसे पहले तय हुआकि संकरी का कचरा प्रोसेसिंग प्लांट सबसे पहले शुरू किया जाए। यह प्लांट तैयार हो गया है, वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी रामकी ने बैंक गारंटी भी जमा कर दी है। अब इसे शुरू करने के लिए प्रदूषण बोर्ड में अनुमति की अर्जी दी गई है। माना जा रहा है कि यह प्लांट 10 दिन में शुरू कर दिया जाएगा।
मिली जानकारी के अनुसार संकरी का प्रोसेसिंग प्लांट तैयार हो गया है। इसमें ट्रेल यूनिट भी लगा दी गई है। ट्रेल यूनिट मे कचरे की छंटनी की जाती है। इसके बाद बचा हुआ कचरा डंप कर दिया जाएगा। इसीलिए प्लांट शुरु करने ठेका कंपनी ने शासन के सामने अर्जी लगा दी है। इसके लिए कंसेंट टू आपरेट यानी सीपीओ का क्लीयरेंस मिलना अभी बाकी है। सीपीओ का क्लीयरेंस प्रदूषण मंडल की तरफ से दिया जाएगा। मंजूरी मिलने के साथ ही कचरा प्रोसेसिंग प्लांट शुरु हो जाएगा। अफसरों ने बताया कि ठेका कंपनी ने 35 लाख रुपए की बैंक गारंटी भी जमा कर दी है।बताया गया कि गार्बेज फ्री रैंकिंग में राजधानी के बुरे हाल की वजह से बुधवार को शासन ने भी प्रोसेसिंग प्लांट को तत्काल शुरू करने की मंशा जताई है। कोरोना काल में कचरे को तत्काल उठाया जाना जरूरी है। अभी यह हो रहा है कि कचरा तत्काल तो नहीं पर उसी दिन उठ रहा है और ट्रेंचिंग ग्राउंड में 600 टन कचरा प्रतिदिन डंप किया जा रहा है। प्रोसेसिंग प्लांट शुरु होने के बाद उसे 24 घंटे चलाया जाएगा। संकरी में जितना कचरा डंप है, उसे भी प्रोसेसिंग प्लांट में डालकर छंटाई की जाएगी। तीन स्तर पर कचरे का प्रोसेस होगा। पहली ट्रेल मशीन से 75 मिलीमीटर के कचरे की छंटाई होगी। इस कचरे को 45 दिन तक सूखने के लिए छोड़ दिया जाएगा। फिर इस सूखे हुए कचरे को दूसरे ट्रेल मशीन डाला जाएगा। यह 25 मिलीमीटर में तब्दील हो जाएगा। इस कचरे को तीन हफ्ते तक सूखने के लिए छोड़ा जाएगा। इसके बाद इसे तीसरी ट्रेल मशीन में डाला जाएगा। यह 5 मिली मटर के कचरे की तब्दील हो जाएगा। इसके बाद बचा हुआ कचरा पीट यानी की गड्ढे में डालकर उसे जमींदोज करने की प्रक्रिया होगी। इससे प्रदूषण का स्तर काफी कम हो जाएगा।
"संकरी का कचरा प्रोसेसिंग प्लांट जल्द शुरू करने जा रहे हैं। इससे कचरा प्रोसेस होने लगेगा, तब शहर में इसे तत्काल उठाने का सिस्टम मजबूत होगा।"
-नागभूषण राव, अध्यक्ष सफाई विभाग



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