मुंबई, अहमदाबाद, पटना और हावड़ा से बुधवार को लगभग 4000 यात्री दिल्ली पंहुचे। कुछ ऐसे यात्री थे जिन्हें उनके परिजन लेने आए थे। लेकिन 3200 से अधिक ऐसे यात्री थे जिन्हें रेलवे स्टेशन से दिल्ली, नोएडा, गाजियावाद, फरीदाबाद घर जाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। टैक्सीवालों ने उनसे मुंहमांगा किराया वसूला। कई यात्रियों ने शिकायत की कि जिनके साथ महिला या बच्चे थे, उनसे तो 3 गुना तक किराया लिया। यात्री घंटों धूप में तपते रहे।

जिन यात्रियों के साथ महिला और बच्चे थे, उनसे 3 गुना तक किराया वसूला गया
लॉकडाउन के कारण मेट्रो, बस, ऑटो, टैक्सी का परिचालन बंद है। कुछ यात्री जो पहाड़गंज, पटेल नगर, मोती नगर, निजामुद्दीन, पुरानी दिल्ली, लक्ष्मीनगर, गीता कालोनी, गांधीनगर के थे वो तो सिर पर समान रखकर घर के तरफ निकल गए। लेकिन अन्य को काफी परेशानी हुई।
इधर, श्रमिक एक्सप्रेस से 3600 रवाना
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से बुधवार को बिहार के 3600 श्रमिकों को लेकर 3 श्रमिक एक्सप्रेस बरौनी, दरंभगा और भागलपुर के लिए रवाना हुईं। श्रम मंत्री गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली सरकार की तरफ से सभी मजदूरों की कारोना जांच की गई। सभी के टिकट की व्यवस्था और रास्ते में भोजन की व्यवस्था की गई। बता दें इससे पहले बिहार गई ट्रेन के किराए पर दोनों राज्यों के बीच सियासत गरमा गई थी। रेलवे स्टेशन पर फंसे यात्रियों को अब स्टेशन से आगे की यात्रा के लिए डीटीसी की बस उपलब्ध होंगी। पुलिस के सूत्रों ने कहा कि परिवहन निगम (डीटीसी) 11 जिला मुख्यालयों तक बस चलाएगा।
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