राज्य सरकार ने पिछले साल 2019-20 में कलेक्टर गाइडलाइन में 30 फीसदी की कमी की थी। इस छूट को इस साल भी 2020-21 में लागू कर दिया गया है। इसका आशय यह माना जा रहा है कि अब नई कलेक्टर गाइडलाइन जारी नहीं की जाएगी और पिछले साल लोगों ने जिस कीमत पर प्रापर्टी खरीदी थी, आने वाले एक साल तक रेट लगभग वही रहनेवाला है। अर्थात 31 मार्च 2021 तक रजिस्ट्री पुराने रेट पर ही होगी।
राजधानी के रेड जोन में होने की वजह से करीब 55 दिनों से रजिस्ट्री दफ्तर बंद था। केवल ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने वालों की ही रजिस्ट्री होने की वजह से पहले दिन यानी बुधवार को केवल 15 और दूसरे दिन गुरुवार को 22 ही रजिस्ट्री हो पाई। दर्जनों की संख्या में लोगों को वापस लौटा दिया गया क्योंकि उन्होंने ऑनलाइन पंजीयन नहीं करवाया था। अफसरों ने साफ कर दिया है कि बिना अप्वाइंटमेंट के किसी की भी रजिस्ट्री नहीं की जाएगी। यह भी कहा जा रहा है कि लॉकडाउन के दौरान रियल एस्टेट मंदी की वजह से भी अभी कम से कम एक महीने तक रजिस्ट्री कम ही होगी।
थोड़े इंतजाम के साथ काम शुरू : कोरोना से सुरक्षा के लिए रजिस्ट्री दफ्तर में व्यापक इंतजाम नहीं हो पाए हैं। लोगों को रोकने के लिए बाहर बेरीकेड्स लगाए गए हैं। उप पंजीयकों के दफ्तरों के बाहर सेनिटाइजर की बोतलें नहीं दिखाई दी। हालांकि बायोमीट्रिक निशान लेने से पहले लोगों के हाथों में सेनिटाइजर लगवाया गया। दफ्तर के सभी अफसर और कर्मचारी मास्क पहने हुए थे। दफ्तर में पहुंचने वाले लोग मास्क पहने हुए दिखाई नहीं दिए।
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