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हैदराबाद में फंसी छात्राओं को लाने बसें रवाना

हैदराबाद में नर्सिंग की पढ़ाई कर रही बस्तर की 117 छात्राओं को लाने के लिए मंगलवार को 4 बसें रवाना हो गई हैं। रेड जोन हैदराबाद से बस्तर की बेटियों को निकालकर लाने सरकार की पहल के बाद अब सभी बहुत खुश हैं। इधर कोरोना से घबराए परिजन भी बेटियों के लौटने का इंतजार कर रहे हैं। बताया जा रहा है बुधवार रात तक छात्राएं अपने-अपने जिले पहुंच जाएंगी। बच्चों के परिजन और छात्राओं ने भास्कर को धन्यवाद दिया है। फोन पर हुई बातचीत में छात्राओं ने भास्कर को बताया कि उन्हें घर लाया जा रहा है, बेहद खुश हैं। सभी ने लौटने की तैयारियां कर ली हैं। छात्राओं ने यह भी कहा कि बस्तर में 14 दिन क्वारेंटाइन में रहना मंजूर है।
4 बसों में किस जिले की कितनी छात्राएं आ रहीं
बस्तर- 35
दंतेवाड़ा- 31
सुकमा व बीजापुर- 24
कोंडागांव व नारायणपुर- 27
परिजन और छात्राओं ने भास्कर को दिया धन्यवाद
जिला प्रशासन, विधायक, राज्य सरकार के साथ भास्कर का जताया आभार: छात्राओं ने कहा वे दंतेवाड़ा आकर ही पढ़ाई कर लेंगी। परिजन ने कहा कि भास्कर की पहल के कारण ही यह संभव हुआ है। परिजन ने भास्कर, जिला प्रशासन, छत्तीसगढ़ सरकार, विधायक, एनएमडीसी, जेल बंदी रिहाई मंच सभी का आभार जताया। डिप्टी कलेक्टर आस्था राजपूत ने बताया कि छात्राओं को लाने के बाद 14 दिन क्वारेंटाइन सेंटर में रखा जाएगा।
इधर क्वारेंटाइन सेंटर तैयार करने में जुटा प्रशासन
भास्कर ने 26 अप्रैल को इस संबंध में खबर का प्रकाशन प्रमुखता से किया था। इसके बाद से लगातार प्रशासन और एनएमडीसी के अफसरों की चर्चा चल रही थी। चूंकि हैदराबाद रेड जोन में है ऐसे में उन्हें वहां से लाने के मामले में विचार विमर्श किया जा रहा था। छात्राओं के लिए दंतेवाड़ा प्रशासन ने जगदलपुर बस भेज दी थी। पहले यह माना जा रहा था कि सभी छात्राओं को जगदलपुर ले जाया जाएगा और वहीं क्वारेंटाइन सेंटर में रखा जाएगा। लेकिन अब प्रशासन ने तय किया है कि जिन जिलों की छात्राएं हैं, उन्हें सीधे वहीं छोड़ा जाएगा। दंतेवाड़ा की 31 छात्राएं हैदराबाद से लौटेंगी। छात्राओं को किस क्वारेंटाइन सेंटर में रखा जाएगा, इसकी तैयारी जारी थी।
दंतेवाड़ा के इनगांवों की हैं छात्राएं
हैदराबाद के अपोलो नर्सिंग कॉलेज में दंतेवाड़ा के अलग-अलग गांवों की छात्राएं पढ़ रही हैं। इनमें तुमनार, बासनपुर, बचेली, जोड़ातराई, दुगेली, किरंदुल, कतियाररास, हारम, गुटोली, कारली, नेरली, कुआकोंडा, कासोली, चालकीपारा की रहने वाली हैं। ये सभी छात्राएं बालिका शिक्षा योजना के तहत हैदराबाद में पढ़ाई कर रही हैं। रहने, खाने का खर्च एनएमडीसी वहन कर रही है।



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Buses depart to bring girls trapped in Hyderabad


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