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लाल घेरे से निकलेगा रायपुर, कोरोना मरीज मिलने पर अब पूरा जिला नहीं होगा रेड जोन

राजधानी रायपुर को जल्द ही रेड जोन से बाहर निकालकर ऑरेंज जोन में लाया जाएगा। 14 दिन से रायपुर में एक भी केस नहीं आया है। इस वजह से केंद्र की गाइडलाइन के अनुसार इसे रेड जोन से बाहर निकालने में कोई तकनीकी दिक्कत नही आएगी। इसके अलावा अब कोरोना का केस मिलने पर पूरे जिले को रेड जोन घोषित नहीं किया जाएगा। संक्रमित के इलाकों को रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन के साथ पांच अलग-अलग जोन में बांटा जाएगा। केवल एम्स में मरीजों का इलाज होने के कारण इसे और आस-पास के कुछ संदिग्ध इलाकों को कंटेनमेंट या बफर जोन घोषित किया जा सकता है। जोन का निर्धारण केन्द्र सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक ही किया जाएगा। केन्द्र सरकार ने लाॅकडाउन 4.0 की घोषणा के दौरान कई रियायतों के साथ राज्य सरकारों को रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन घोषित करने का अधिकार दिया है। इसके अलावा कंटेनमेंट और बफर जोन घोषित करने का पावर भी राज्य सरकारों को दिया गया है।

इससे पहले तक लॉकडाउन में इलाकों को तीन जोन रेड, ऑरेंज और ग्रीन में ही बांटा जाता था। अब इसमें कंटेनमेंट और बफर जोन को शामिल किया गया है। ये दोनों जोन रेड और ऑरेंज जोन के अंतर्गत ही उनके कुछ सीमित इलाके में घोषित किए जाएंगे। इसे तय करने का अधिकार जिला प्रशासन को दिया जाएगा। राज्य सरकार ने केन्द्रीय गाइडलाइन के आधार पर रायपुर समेत सभी 28 जिलों के जोन के निर्धारण की प्रक्रिया के लिए कागजी कार्रवाई शुरु कर दी है। एक-दो दिन में ही इसे घोषित कर दिए जाने की संभावना बताई जा रही है।
कंटेनमेंट जोन में जरूरी सेवाओं को इजाजत
बताया गया है कि कंटेनमेंट जोन में सिर्फ जरूरी सेवाओं को ही अनुमति दी जाएगी। इनमें सामान्‍य लोगों की आवाजाही की इजाजत नहीं होगी। केवल मेडिकल इमरजेंसी, जरूरी सेवाओं के लिए काम करने वाले लोगों को ही आने-जाने की छूट होगी। इनमें केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के मानक लागू होंगे। कंटेनमेंट जोन में संक्रमितों की पहचान के लिए व्‍यापक अभियान चलाया जाएगा। इन इलाकों में संक्रमित लोगों की पहचान के लिए इंटेंसिव कॉन्‍ट्रैक्‍ट ट्रेसिंग के साथ-साथ घर घर जाकर लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। यही नहीं दूसरे चिकि‍त्‍सकीय उपायों को भी आजमाया जाएगा।
कंटेनमेंट जोन के आसपास होंगे बफर जोन
कोरोना से लड़ाई में रेड व ऑरेंज जोन के भीतर बफर जोन के निर्धारण को भी काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि सभी कंटेनमेंट जोन के आसपास के कुछ क्षेत्र को बफर जोन के रूप में चिह्नित कर वहां भी अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी। अफसरों के मुताबिक कंटेनमेंट एक्शन प्लान तभी सफल माना जाएगा जब कंटेनमेंट जोन में 28 दिन तक कोई नया मामला नहीं आएगा।



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Raipur will come out of red circle, corona will not be complete, now red district will be district


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