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क्वारेंटाइन सेंटरों में गर्भवतियों का ध्यान रखें

नवपदस्थ कलेक्टर सुनील कुमार जैन ने क्वारेंटाइन का समय काट रही गर्भवती माताओं एवं बच्चों के रहने के लिए अलग से व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं ताकि उनकी बेहतर तरीके से देखभाल की जा सके। कलेक्टर ने शुक्रवार को जिला कार्यालय मेंवीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार एवं जनपद पंचायतों के सीईओकी बैठक लेकर इस आशय के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने जिले के सभी शहरी क्षेत्रों में अतिक्रमित भूमि का पट्टा देने के लिए अभियान चलाकर काम करने को कहा है। बताया गया कि जिले की नगरीय क्षेत्रों में आयोजित सर्वे में लगभग साढ़े 7 हजार अतिक्रामक चिह्नित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि कोरोना से निपटना फिलहाल जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारी पूरी संजीदगी के साथ इस काम को अंजाम दें। उन्होंने क्वारेंटाइन व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रचंड गर्मी से निपटने के लिए बिजली, पंखे, पानी भोजन के माकूल इंतजाम सभी क्वारंेंटाइन सेंटरों में होने चाहिये। जनपद पंचायतों के सीईओ को इसके लिये जिम्मेदारी दी गई है।
यदि कहीं कोई कमी पाई गई तो वे जवाबदारी से नहीं बच सकते। उन्होंने कहा कि क्वारेंटाइन काट रही गर्भवती माताओं और बच्चों के विशेष देखरेख की जरूरत है। लिहाजा उनके ठहरने के
लिए सेंटरों में पृथक व्यवस्था की जानी चाहिये। कलेक्टर ने बाहरी राज्यों से आए प्रवासी श्रमिकों को जिनके पास राशनकार्ड नहीं हैं, उन्हें 5 किलो निःशुल्क चावल वितरित करने की योजना की भी समीक्षा की।

साढ़े 7 हजार लोगों को पट्टा मिलेगा
कलेक्टर आगे कहा कि शहरी इलाकों में अतिक्रामक के तौर पर रह रहे लोगों को पट्टा दिया जाएगा। प्रारंभिक रूप से लगभग साढ़े 7 हजार अतिक्रामकों की जानकारी मिली है। उनकी सहमति और कलेक्टर की गाइड लाइन पर राशि लेकर उन्हें पट्टा आबंटित किया जाएगा। नजूल के अलावा अन्य किस्म की भूमि के अतिक्रामक भी योजना में शामिल हैं। स्थानीय नगरीय निकाय एवं टाऊन एंड कंट्री प्लानिंग से एनओसी लेने के बाद पट्टा दिया जाएगा। इसके अलावा इसके पहले जिन्हें नजूल पट्टा आबंटित किया गया है, उनसे 2 प्रतिशत की राशि लेकर भूमि स्वामी का हक दिया जा सकता है। कलेक्टर ने बैठक में बारिश के पहले उपार्जन केंद्रों पर पड़े धान को संग्रहण केन्द्रों तक पहुंचाने के निर्देश दिये। उन्होंने बताया कि जिले में 10 हजार 400 मीटरिक टन धान खरीदी केन्द्रों पर उपलब्ध है।



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