अन्य प्रांतों से वापस लौटे एवं क्वारेंटाइन सेंटर में ठहराए गए मजदूरों को कई पंचायतों में ग्राम पंचायत द्वारा कुछ भी नहीं दिया जा रहा है। सभी चीजें मजदूर के घर वाले ही लेकर दे रहे हैं और कई जगह घर से ही बना खाना भी लाकर दिया जा रहा है।
एसडीएम टीसी अग्रवाल एवं तहसीलदार एसएल सिन्हा ने बताया कि जिन मजदूरों के नाम राशन कार्ड में दर्ज है, उनके नाम के तीन महीने का चावल सरकारी उचित मूल्य दुकानों से बांटा जा चुका है इसलिए संबंधित लोगों के परिवार वाले उनके नाम का चावल आवश्यक मात्रा में क्वारेंटाइन सेंटर के संचालकों के पास जमा कर दे। जिनके नाम का राशन कार्ड नहीं बना है या राशन कार्ड में नाम दर्ज नहीं है, उनके लिए चावल की व्यवस्था ग्राम पंचायतों द्वारा की जाएगी। दाल-सब्जी आदि की व्यवस्था भी स्थानीय निकाय एवं ग्राम पंचायतों द्वारा की जाएगी। क्वारेंटाइन सेंटर में रखे गए मजदूरों को लॉकडाउन के नियमों का कड़ाई से पालन करते हुए अपने-अपने कमरों में रहने के निर्देश दिए।
भोपालपटनम से लौटे 95 को नाश्ता कराकर सेंटर भेजा
मंगलवार की शाम 4 बजे भोपालपटनम से 95 मजदूर बस से आए हैं। इनको तहसील कार्यालय के पास पोहा का नाश्ता कराया गया और उनके गृह ग्राम कुम्हारी एवं आसपास के गांवों में वही के क्वारेंटाइन सेंटरों में भेजा गया। मजदूरों ने पर बताया कि हमें यहां तक आने में किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हुई। अब गांव में जाकर क्वारेंटाइन सेंटर में रहकर शासन के नियमों का पालन करना है।
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