ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष में जैन धर्मावलंबियों ने श्रुत पंचमी का पर्व अपने घरों में मनाया। इस मौके पर जिनवाणी का पाठ भी किया गया। कई घरों में तीन दिनों तक यह सजा रहा। समाज के लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से मुनिश्री शोभा सागर महाराज और प्रमाण सागर महाराज का प्रवचन भी सुना।
लॉकडाउन की वजह से इस बार सादगी के साथ ही पर्व मनाया गया। मुनिश्री प्रमाण सागर महाराज ने प्रवचन के माध्यम से बताया कि आज से 40-50 साल पहले जब लोग कम जरूर के साथ जीवनयापन करते। आज वही दौर दिख रहा है। लोगों के मन में अपार शांति होती थी, एक दूसरे के प्रति उनका प्रेम सच्चा था। ईश्वर की आराधना में समय परिवार के संपूर्ण सदस्य समय देते हैं। अब वहीं प्रेम, ध्यान मन की पवित्रता लोगों में संस्कार बनाकर आने लगे हैं। जीवन का एक ही अर्थ हर किसी को जानना चाहिए। मानव एक सामाजिक प्राणी है। श्रुत पंचमी पर आराधना के बाद तीन दिनों तक प्रवचन सुना गया।
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