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8.26 लाख की आबादी वाले बालोद में लौटे 3703 लोग, 516 की जांच, 404 की रिपोर्ट आई निगेटिव

देश व विश्वभर में कोरोना के कहर के बीच हमारे जिले में स्थिति सामान्य है क्योंकि एक भी पॉजिटिव केस नहीं मिले है बावजूद सुरक्षा के लिहाज से शासन की ओर से जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि ज्यादा से ज्यादा लोगों का सैंपल लिया जाए। जिले में इसका असर दिख भी रहा है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक 20 अप्रैल तक 61 लोगों का सैंपल लेकर भेजा गया था, जो अब बढ़कर 516 पहुंच गया है यानी 11 दिन में 455 लोगों का सैंपल लिया गया। पिछले चार दिन से रोजाना 50 से ज्यादा लोगों का सैंपल भेजा रहा है। आगे भी यह सिलसिला चलेगा।
रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट किट व थर्मल स्कैनर से जांच कर संभावित तलाशेंगे। दूसरे राज्यों से लौटने वालों के अलावा स्थानीय लोगों की जांच की जाएगी। दरअसल भले ही स्वास्थ्य विभाग ज्यादा लोगों की सैंपल भेजने की बात कह रहे हैं लेकिन आबादी के हिसाब से कम है। इसका अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि 8.26 लाख की आबादी वाले बालोद जिले में 516 लोगों की ही कोरोना जांच हो पाई है। जिसमें 404 की रिपोर्ट निगेटिव आई है।

बाहर से आने वालों की संख्या बढ़ रही
बाहर से आने वालों की संख्या बढ़ते क्रम पर है। शुक्रवार तक 14 देशों व 22 राज्यों से लौटे 3703 लोगों की पहचान की जा चुकी है। जबकि एक सप्ताह पहले 3 हजार 422 लोगों की पहचान की गई थी। यूं कहें कि लॉकडाउन के बीच लोग अब तक पैदल व अन्य माध्यम से गृहग्राम पहुंच रहे है। महाराष्ट्र से पहुंचने वाले ज्यादा हैं। इसे स्वास्थ्य विभाग भी स्वीकार कर रही है इसलिए ज्यादा सैंपल लेने की बात कह रहे है। स्वास्थ्य विभाग की टीम लॉकडाउन के दौरान अप्रैल में दूसरे राज्यों से लौटे लोगों पर ज्यादा फोकस कर रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार विदेश से लौटे 65 व दूसरे राज्यों से लौटे 3 हजार 638 लोगों को चिह्नांकित किया गया है। अधिकांश लोग स्वस्थ हैं।
संदिग्धों की जांच रैपिड टेस्ट किट से
सैंपल लेने के पहले जिले में अब कोरोना संदिग्धों की जांच रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट किट से करने स्वास्थ्य विभाग जोर दे रही है। 647 किट मिली है, जिससे सामुदायिक संक्रमण की जांच की जाएगी। इसके लिए स्थल चयनित कर स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच की जा रही है। सामुदायिक स्तर पर कोरोना संक्रमण के फैलाव के बारे में पता लगाने के लिए किट के जरिए जांच करने संबंधित मेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षण दिया गया है। जांच के पहले एक मोबाइल एप पर जिसकी जांच की जा रही है, उसकी डिटेल डाली जाएगी। इसके बाद उसके नंबर पर जांच की रिपोर्ट भी पहुंच जाएगी। यह इसलिए किया जा रहा है, ताकि हमारे पास सभी तरह का डाटा रहे।
लक्षण दिखे तो तत्काल हेल्प लाइन नंबर पर दे सूचना
घर में रहने के दौरान यदि बुखार, खांसी या सांस लेने में तकलीफ हो तो ऐहतियात के तौर पर किसी भी प्रकार की समस्या और शंका के समाधान के लिए स्वास्थ्य विभाग के हेल्पलाइन नंबर 09111843834, 06263319107, 07828200007, 07749-223950 या टोल-फ्री नंबर 104 पर संपर्क कर सूचित करें। जरूरत पड़ने पर अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल में संपर्क कर अपनी प्रारंभिक जांच करवाएं एवं अपने संबंध में पूरी जानकारी दें।
पहले की अपेक्षा ज्यादा सैंपल ले रहे: सीएमएचओ
सीएमएचओ डॉ. बीएल रात्रे ने बताया कि पहले की अपेक्षा अब ज्यादा लोगों की सैंपल ले रहे है। दूसरे राज्यों से लौटने वालों पर ज्यादा फोकस कर रहे है। जिनमें कोई लक्षण नहीं है, उनका स्वास्थ्य परीक्षण कर रहे हैं। जिनको सर्दी, सूखी खांसी, तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ हो रही है, उनका सैंपल ले रहे हैं।



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3703 people returned to Balod with a population of 8.26 lakh, 516 investigations, 404 reports came negative


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